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महाराष्ट्र के लातूर जिले गए 11 मजदूरों को बंधक बनाकर की मारपीट

छपारा पुलिस ने कराया मुक्त, पुलिस से लेकर आ रही हैं सिवनी

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महाराष्ट्र के लातूर जिले गए 11 मजदूरों को बंधक बनाकर की मारपीट

महाराष्ट्र के लातूर जिले गए 11 मजदूरों को बंधक बनाकर की मारपीट

सिवनी. जिले के आदिवासी बाहुल्य इलाकों के हॉल ठीक नहीं है। क्षेत्र में मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। नतीजा घर में खाने के लाल पड़ रहे हैं। विवश होकर मजदूर दूसरे राज्य के शहरों में पलायन कर रहे हैं। काम कराने वाले ठेकेदार व अन्य उनके साथ मारपीट सहित अन्य अत्याचार कर रहे हैं। मजदूरी देने में आनाकानी कर रहे हैं।

छपारा व लखनादौन थाना क्षेत्र के 11 मजदूरों के महाराष्ट्र राज्य के लातूर जिले में बंधक बनाकर रखने और मारपीट किए जाने का मामले सामने आने के बाद उक्त बातों की पुष्टि हो रही है। पुलिस ने सभी मजदूरों को ठेकेदार के बंधक से मुक्त करा लिया है। उनके खिलाफ लातूर जिले के संबंधित थाने में प्रकरण भी दर्ज कराया है। मजदूरों को पुलिस वाहन से शुक्रवार को लातूर से सिवनी लेकर आ रही है।


मजदूरों पर किए गए प्रताड़तना की यह खबर शासन के बड़े-बड़े दांवे की पोल खोल रही है। जिले में संचालित सरकार की रोजगार मूलक योजनाओं की धरातल पर सच्चाई को बयां कर रही है। बताया जा रहा है कि आदिवासी विकासखंड छपारा के आदिवासी महिला व पुरुष मजदूरों को एक ठेकेदार बीते दिनों महाराष्ट्र के लातूर जिले में मजदूरी के लिए ले गया। ठेकेदार के यहां काम कर रहे मजदूरों ने जब उससे मजदूरी के पैसे मांगे तो उसने मारपीट करने के साथ ही उनको उन पर अत्याचार शुरू कर दिए।

इसकी जानकारी मजदूरों ने घर पर दी तो परिजन छपारा थाना पहुंचकर इसकी शिकायत किए। इस पर तत्वरित कार्रवाई करते हुए छपारा थाने के चार पुलिसकर्मियों की टीम को महाराष्ट्र के लातूर भेजा गया। पुलिस ने वहां पहुंचकर उनको मुक्त कराया और संबंधित थाने में ठेकेदार सहित अन्य के खिलाफ संबंधित धाराओ में प्रकरण दर्ज कराया। थाना प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र के ग्राम गोरखपुर निवासी 28 वर्षीय राजकुमार पिता कोमल प्रसाद इनवाती अपनी पत्नी व पुत्री के साथ मजदूरी करने के लातूर गया था। 20 दिसंबर को रात्रि करीब एक बजे सुमारा जलकोट धामनगांव में वह साथी केरलाल, इरलाल के साथ आराम कर रहा था। उसी समय वहां आरोपी संजय राठौर व उसका भाई बाबा राठौर पहुंचा। उन लोगों ने अपशब्द बोलने के साथ मारपीट शुरू कर दिया।

पुलिस ने इन मजदूरों को कराया मुक्त
छपारा पुलिस ने बताया कि बंधक बनाए गए 11 आदिवासी मजदूरों में छपारा थाना क्षेत्र के ग्राम मुंडाटोला निवासी 27 वर्षीय किरलाल पिता चमरा उईके, 24 वर्षीय दुर्गा पति किरलाल उईके, 25 वर्षीय इरलाल पिता चमरा उईके, 17 वर्षीय निलेश्वरी पिता श्यामलाल बरकड़े। छपारा थाना क्षेत्र के ग्राम बबइया निवासी 28 वर्षीय राजकुमार पिता कोमल प्रसाद इनवाती, 24 वर्षीय उर्मिला पति राजकुमार इनवाती। लखनादौन थाना क्षेत्र के ग्राम निवारी टोला निवासी 35 वर्षीय सरूप पिता बिहारीलाल इनवाती, 32 वर्षीय यशोदा पति सरूप इनवाती, 40 वर्षीय महेश पिता डब्बल पन्द्रे, 35 वर्षीय मेमा बाई पन्द्रे, 18 वर्षीय गीता पिता महेश पन्द्रे हैं।

पुलिस की सक्रियता से दर्ज हुआ प्रकरण
छपारा थाना प्रभारी ने बताया कि मजदूरों से मारपीट करने वालों के खिलाफ महाराष्ट्र राज्य के लातूर जिला के जलकोट थाना में आरोपियों के खिलाफ धारा 324, 323, 504, 34 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज कराया गया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने पहले सहयोग करने से मना कर दिया। मजदूरों पर हुए अत्याचार को लेकर छपारा पुलिस की सक्रियता के आगे विवश होकर महाराष्ट्र पुलिस को उक्त कार्रवाई करनी पड़ी।