
नहर मरम्मत, टेस्टिंग देखने पहुंचे मुख्य अभियंता व अन्य।
सिवनी. संजय सरोवर भीमगढ़ बांध की दांयी तट मुख्य नहर पर कान्हीवाड़ा-जामुनटोला के पास क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत दूसरी बार की गई है। तीन दिन तक चले नहर मरम्मत के बाद रविवार को बांध से 650 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसे फिलहाल माइनर नहरों में वितरित किया जा रहा है। क्षतिग्रस्त हिस्से में सोमवार को 100 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। धीरे-धीरे पानी का स्तर बढ़ाते हुए 600 क्यूसेक तक किया जाएगा।
दांयी तट नहर में 15 नवम्बर को पानी छोड़ा गया था। जिसके बाद यह एक ओर से फूट गई थी। तब बोरी बंधान कर मरम्मत की गई थी, लेकिन फिर पानी छूटते ही यह दूसरी बार फूट गई थी। जिससे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और किसान अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए गुस्सा जाहिर कर रहे थे। तब अधिकारियों ने सभी की सहमति से क्षतिग्रस्त हिस्से की खुदाई कर लोहा बिछाकर सीमेंटीकरण किया। अब उम्मीद की जा रही है कि नहर का क्षतिग्रस्त हिस्सा मजबूत कर लिया गया है।
नहर में हुई टेस्टिंग, आज से बढ़ेगा लेबल
भीमगढ़ बांध से रविवार को दिन में 650 क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ा गया है। बांध से 24वें किमी पर नहर के मरम्मत किए गए हिस्से में पानी पहुंचने से पहले ही ऊपर गेट बंद कर पानी को माइनर नहरों में वितरित कर किसानों के खेतों तक पहुंचाया जा रहा है। रविवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर मरम्मत वाले हिस्से में टेस्टिंग के लिए कुछ समय 100 क्यूसेक तक पानी छोड़ा गया था। अब अधिकारी आश्वस्त हैं, कि यहां से अधिक मात्रा में पानी दिया जा सकता है। सोमवार की सुबह 100 क्यूसेक पानी जामुनटोला और उसके आगे के क्षेत्र में पहुंचना आरम्भ होगा।
चीफ इंजीनियर ने किया निरीक्षण
नहर के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का पूरा काम सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता मुख्य अभियंता अशोक डहेरिया के निर्देश पर किया गया। उन्होंने रविवार को अधीक्षण यंत्री अम्बरीश श्रीवास्तव, एसडीओ श्रीराम बघेल के साथ जामुनटोला पहुंचकर नहर की हुई मरम्मत का निरीक्षण किया। इस दौरान नहर में 100 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की टेस्टिंग की गई। जिसके बाद मुख्य अभियंता ने सोमवार से इसमें पहले 100 क्यूसेक और धीरे-धीरे 600 क्यूसेक तक पानी छोड़े जाने के निर्देश एसडीओ को दिए हैं। हालांकि नहर की क्षमता 1000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की बताई जा रही है।
इनका कहना है -
भीमगढ़ दांयी तट नहर के क्षतिग्रस्त हिस्से का सीमेंटीकरण हो चुका है। वहां सोमवार को सुबह से पानी पहुंचेगा। फिलहाल माइनर में पानी दिया जा रहा है। विद्युत यांत्रिकी विभाग ने भी नहर के हेड रेगूलेटर आदि कुछ सुधार किए हैं।
उदयभान मर्सकोले एसडीओ, भीमगढ़ बांध
40 वर्ष पुरानी नहर लाइनिंग न होने के कारण फूटी थी। अब वहां सीमेंटीकरण के बाद टेस्टिंग हो चुकी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने निरीक्षण किया। सोमवार से सभी क्षेत्र में पानी पहुंचेगा। टेल एरिया तक किसानों को सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का प्रयास है।
श्रीराम बघेल एसडीओ, सिंचाई विभाग
Published on:
25 Nov 2024 05:55 pm
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