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बच्चों को वैक्सीन लगवाने ढूंढ-ढूंढकर बाइक पर ला रहे हैं शिक्षक

१५ से १८ वर्ष के बच्चों का टीकाकरण पूरा करने १५ जनवरी तक का समय शेष

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बच्चों को वैक्सीन लगवाने ढूंढ-ढूंढकर बाइक पर ला रहे हैं शिक्षक

बच्चों को वैक्सीन लगवाने ढूंढ-ढूंढकर बाइक पर ला रहे हैं शिक्षक

सिवनी. जिले में शासकीय व प्राइवेट स्कूलों में दर्ज विद्यार्थी की संख्या ७४२५२ है। जिसमें १५ से १८ वर्ष के पात्र विद्यार्थी ६५१६२ हैं। जिले में १२ जनवरी तक हुआ टीकाकरण ५८८३४ है, जबकि टीकाकरण के लिए शेष ६३२८ हैं। कुल शाला त्यागी विद्यार्थी २२८६१ हैं, जिनमें से १२ जनवरी तक टीकाकृत शाला त्यागी बच्चों की संख्या ६००० है। अब समय सीमा में कम समय रह गया है, ऐसे में बच्चों को ढूंढ-ढूंढकर शिक्षक वैक्सीनेशन सेंटर तक ला रहे हैं, ताकि उनका शेष लक्ष्य पूरा हो सके।
जिले के सभी विद्यालयों में अध्ययनरत और शाला त्यागी बच्चों की पहचान कर हर एक को टीकाकरण किए जाने के लिए राज्य स्तर से निर्धारित १५ जनवरी की समय सीमा में अब मात्र दो दिन शेष हैं, ऐसे में जिले के सम्बंधित विभागों के अफसरों से लेकर मैदानी अमले तक को पसीना बहाना पड़ रहा है। अफसरों ने अमले को फरमान तक जारी कर दिया है, कि जो भी टीकाकरण के निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बार-बार अधिनस्थों से फोन पर हर घंटे की रिपोर्ट भी ली जा रही है।
अपनी बाइक से लाकर शिक्षक लगवा रहे टीका
विकासखंड छपारा में १५ से १८ वर्ष के किशोरों को टीका लगाया जा रहा है। नौवीं से 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को कोविड-19 से बचाव को लेकर लगाया जाने वाला टीका के लिए बच्चों को प्रेरित करने शिक्षकों में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है। शिक्षकों के द्वारा दूरदराज के ग्राम और वार्डों में रहने वाले किशोरों को अपनी बाइक मैं बिठाकर टीकाकरण केंद्र तक लाकर टीका लगवाया जा रहा है। बीआरसी गोविंद सिंह उइके ने बताया कि छपारा विकासखंड में कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को कोविड-19 से सुरक्षा का टीका लगाया जा रहा है। छपारा विकासखंड में नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों की कुल संख्या 5632 है, जिनमें से टीकाकरण के लिए 4940 पात्र हैं। जिसमें अब तक किशोरों को 4505 वैक्सीनेशन किया गया है, 435 बच्चे रह गए हैं जिन्हें भी टीका लगाया जाएगा। स्कूल छोड़ चुके बच्चों की संख्या १151 हैं जिनमें से अब तक 341 छात्र छात्राओं को वैक्सीनेशन किया गया है साथ ही कोविड.19 से बचाव को लेकर जन जागृत किया जा रहा है।
प्राचार्यों, शिक्षकों को हिदायत -
जिला शिक्षा अधिकारी रविसिंह बघेल, सहायक आयुक्त सतेन्द्र मरकाम, जिला परियोजना समन्वयक जीएस बघेल ने जिले के सभी प्राचार्यों को पत्र लिखकर कहा है कि जिले में करीब २२८६१ शाला त्यागी बच्चे हैं, जिनकी जन्मतिथि ३१ दिसम्बर २००७ या उसके पूर्व है, जो कि १८ वर्ष की आयु से कम हैं, ऐसे बच्चों का टीकाकरण शत-प्रतिशत किया जाना है। प्राचार्यों से कहा है कि सम्बंधित ग्राम पंचायत क्षेत्र के ऐसे सभी बच्चे जो १५ से १८ वर्ष आयु के हैं, उनको चिन्हांकित कर सूची बनाने को कहा है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम के शिक्षकों से घर-घर जाकर सर्वे कार्य कराकर सूची तैयार करने को कहा है। सूची के अनुसार बच्चों को चिन्हांकित कर सभी बच्चों के लिए टीकाकरण व्यवस्था कर बच्चों को केन्द्र में उपस्थित करवाने को कहा है।
लापरवाही पर तय होगी कार्रवाई -
जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी प्राचार्यों से कहा है कि अपनी शाला में पदस्थ शिक्षकों को मोहल्ला/ वार्ड के अनुसार सर्वे करने के लिए क्षेत्र आवंटित किया जाए। कहा कि यदि कोई शिक्षक शाला त्यागी बच्चों की सूची बनाने में हीलाहवाली करेतो इसकी जानकारी सम्बंधित प्राचार्य, शिक्षक, प्रधानपाठक सम्बंधित विभाग प्रमुख को मोबाइल पर दें, ताकि उनके विरूद्ध तत्काल कार्रवाई की जा सके। यह कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से करने को कहा है। किसी भी तरह की लापरवाही पाई जाती है, तो सम्बंधित अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कई प्राचार्यों ने शिक्षकों को नहीं दी सूचना -
शाला त्यागी बच्चों के टीकाकरण कार्य को प्राथमिकता से कराए जाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने गुरुवार को प्राचार्यों को फोन कर फीडबैक लिया, तो पता चला कि कई प्राचार्यों ने अब तक सर्वे कार्य के सम्बंध में शिक्षकों को सूचित ही नहीं किया है। तब जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्यों को फटकार लगाते हुए तत्काल इस मामले में शिक्षकों को जिम्मेदारी देते हुए घर-घर जाकर शाला त्यागी बच्चों के चिन्हांकन व टीकाकरण के लिए हिदायत दी है।