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गांव में बाघ की दहशत, सात कैमरों से हो रही निगरानी

- पांच दिन पहले बाघ के हमले से हुई थी चरवाहे की मौत

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बाघ का फाइल फोटो।

बाघ का फाइल फोटो।

सिवनी. पेंच टाइगर रिजर्व से सटे चिखली और आसपास गांव के इलाकों में बाघ की मौजूदगी बनी हुई। यह इलाका दक्षिण सामान्य वन मंडल अंतर्गत खवासा वन परिक्षेत्र का है। चिखली गांव के आसपास बाघ की दहाड़ और के मूवमेंट से ग्रामीण दहशत में हैं। पांच दिन पहले बाघ के हमले से अनमोल चावरे (22) नामक चरवाहे की मौत हो गई थी। घटना के बाद से बाघ को लेकर गांव में दहशत का माहौल है। वनकर्मी दिन-रात गश्ती कर रहे हैं, गांव के आसपास सात कैमरे भी निगरानी में लगाए हैं। साथ ही पिंजरा लगाने की तैयारी है। बहरहाल अब भी बाघ को गांव के आसपास देखा जा रहा है। गांव के लोगों को सतर्क रहने के लिए मुनादी कर सावधान किया जा रहा है।
जिस स्थान पर बाघ ने युवक पर हमला किया था उसके आसपास सात कैमरे लगाए गए हैं। हालांकि अब तक बाघ कैमरों में कैद नहीं हुआ है। वन विभाग का अमला दिन के साथ रात में भी गश्त कर रहा है। गांव के लोगों के साथ बैठकें कर उन्हे सावधानी बरतने व शाम के बाद जंगल की ओर नहीं जाने की समझाइश भी ग्रामीणों को दी जा रही है। इधर गांव के लोग युवक की मौत के बाद खासे डरे हुए हैं। शाम होते ही वे अपने घरों से निकलने से डर रहे हैं। दिन के समय में भी अकेले मवेशियों को चराने जंगल जाने से बच रहे हैं।


पहले भी हो चुके हैं बाघ के हमले
सामान्य वनमंडल के खवासा वन परिक्षेत्र के खालीटोला गांव निवासी गोवर्धन पटले (60) को भी तीन माह पहले बाघ ने हमला कर मार दिया था। 26 जुलाई को गोवर्धन मवेशियों को चराने के लिए रिड्डी बीट के चिखलीटोला जंगल के कक्ष क्रमांक 356 गया था। यहां बाघ ने उस पर हमला कर दिया था। घटना के बाद यहां भी वन विभाग ने कैमरे और पिंजरा लगवाया था, लेकिन बाघ पकड़ में नहीं आया था। इस घटना के छह दिनों के बाद ही छोटेलाल नामक व्यक्ति पर बाघ ने हमला किया था। इससे छोटेलाल गंभीर रूप से घायल हुआ था।


खवासा वन परिक्षेत्र के आसपास बसे गांव जंगल से घिरे हुए हैं। पेंच टाइगर रिजर्व का बफर क्षेत्र भी गांवों से लगा हुआ है। ऐसे में यहां बाघ का आना-जाना रहता है। वहीं गांव के लोगों का भी लकड़ी लेने, मवेशियों को चराने आदि कार्य के लिए जंगल जाना पड़ता है। कई बार गांव के लोगों का सामना बाघ से होता है। इसी बीच बाघ के हमले होने से लोग दहशत में आ जाते हैं। हाल ही में चिखली गांव में बाघ के हमले के बाद से ग्रामीण मवेशियों को चराने जंगल जाने और खेतों में जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ के हमलों के बाद गांव वालों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।

इनका कहना है -
वन क्षेत्र में चिखली गांव के पास बाघ को ट्रेस करने के लिए सात सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। गांव के लोगों को सतर्क करने बैठक लेकर समझाइश दी है। उन्हें अकेले जंगल की ओर नहीं जाने की समझाइश दी जा रही है।
घनश्याम चतुर्वेदी, वन परिक्षेत्र अधिकारी खवासा