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लोक गीत, कविता एवं वाद-विवाद से बताया हिन्दी का महत्व

राष्ट्र भाषा प्रचार समिति द्वारा हिन्दी को लेकर किए आयोजन

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लोक गीत, कविता एवं वाद-विवाद से बताया हिन्दी का महत्व

लोक गीत, कविता एवं वाद-विवाद से बताया हिन्दी का महत्व

सिवनी. मप्र राष्ट्र भाषा प्रचार समिति भोपाल के तत्वाधान में हिन्दी को बढावा देने के लिए नगर के टैगोर वार्ड स्थित स्कूल परिसर में लोक गीत, कविता, वाद-विवाद, भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विभिन्न विद्यालयों के प्रतिभागियों ने अलग-अलग विद्या के माध्यम से हिन्दी का महत्व बताया।
प्रतियोगिता में महारानी लक्ष्मीबाई कन्या शाला, महात्मा गांधी हाई स्कूल, उत्कृष्ट विद्यालय, सरस्वती शिशु मंदिर, मिशन बालक हायर सेकेडरी शाला सहित अन्य विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिका, छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल, बुलाकीराम सिसोदिया, जगदीश तपिश, आरएस अग्रवाल, रमेश श्रीवास्तव, अखिलेश श्रीवास्तव, प्रतिमा श्रीवास्तव, अखिलेश यादव, संजय जैन आदि शामिल थे।
इस अवसर पर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बघेल ने कहा कि हम सभी हिन्दी के सम्मान के लिए यह दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए है। हर साल 14 सितंबर का दिन हिंदी दिवस के नाम से मनाया जाता है। 14 सितंबर 1949 को हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा घोषित किया गया था। 1953 के बाद से इस दिन को लगातार हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। जिस प्रकार हर व्यक्ति को अपनी भाषा से प्यार होता है, उसी तरह हम सभी देशवाशियों को हिन्दी भाषा से बहुत प्यार है। यह हमारी मातृभाषा भी है। इसे आदर और सम्मान देना हर नागरिक का कर्तव्य है।
अन्य अतिथियों ने कहा कि हिन्दी दिवस के दिन देश के स्कूल, कॉलेजों में विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। हिन्दी निबंध, हिन्दी कविता, हिन्दी सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, हिन्दी गायन, अंताक्षरी, वाद-विवाद, हिन्दी टाइपिंग जैसे कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। हमारे शिक्षक हमे हिन्दी भाषा के महत्व के बारे में बताते है। हम सभी को अपनी राष्ट्रभाषा को प्रोत्साहन देना चाहिए।