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सिवनी

विधानसभा में गूंजा सिवनी के 308 पेड़ कटाई का मामला

– वन मंत्री ने कहा अब तक कटे 109 पेड़, 199 की कटाई का काम जारी
– सडक़ निर्माण के लिए पेड़ काटने न्यायालय अपर कलेक्टर ने दी अनुमति

सिवनीJul 06, 2024 / 05:30 pm

sunil vanderwar

सिवनी नगरीय सीमा पर सडक़ बनाने हटाए जा रहे पेड़।

सिवनी नगरीय सीमा पर सडक़ बनाने हटाए जा रहे पेड़।

सिवनी. विधानसभा में तारांकित प्रश्नकाल के दौरान सिवनी विधायक दिनेश राय ने नगर पालिका क्षेत्र के दोनों ओर सीलादेही से नगझर बायपास चौक तक सडक़ निर्माण के नाम पर काटे जा रहे 308 पेड़ का मामला उठाया। वनमंत्री से विधायक ने सवाल किए कि सिवनी में फोरलेन सडक़ से सिवनी की अंतिम सीमा तक निर्माणाधीन सडक़ के जो पेड़ काटे जा रहे हैं, उनमें छोटे पेड़ों को शमशान घाट या अन्य स्थल पर स्थान परिवर्तन किया जा सकता था, परंतु विभाग ने ऐसा नहीं किया, क्यों?
सिवनी विधायक राय के सवाल पर वन मंत्री नागर सिंह चौहान ने जानकारी देते बताया कि फोरलेन सडक़ से सिवनी शहर की अंतिम सीमा मार्ग तक निर्माणाधीन सडक़ के जो 308 पेड़ काटे गए हैं। उनकी अनुमति न्यायालय अपर कलेक्टर सिवनी के आदेश दिनांक तीन मई 2024 से दी गई है। पेड़ कटाई का काम मप्र रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड छिंदवाड़ा ने कराया है। सडक़ निर्माण के बीच विभिन्न प्रजाति के पेड़ आ रहे थे। हालांकि वन विभाग ने इन पेड़ों का चिन्हांकन नहीं किया है। पेड़ों की कटाई के बाद प्राप्त वनोपज को परिवहन कर वन विभाग के काष्ठागार डिपो में रखवाया जा रहा है। इसके लिए परिक्षेत्र अधिकारी सिवनी को अधिकृत किया गया है। जिसकी नीलामी विभागीय प्रक्रिया के अनुसार होगी। तहसीलदार सिवनी नीलामी से मिलने वाली राशि को खजाने में जमा कराने विधिवत की जानकारी वन विभाग को देंगे। वनमंत्री ने बताया कि सिवनी नगरीय क्षेत्र के दोनों ओर के 308 पेड़ में से अब तक 109 पेड़ काटे जा चुके हैं। शेष 199 पेड़ की कटाई जारी है। काटे जा चुके पेड़ों से अब तक 666 नग ल_े (74.666 घनमीटर) लकड़ी प्राप्त हुई है।

नुकसानी पर किसी जनप्रतिनिधि ने नहीं लिया पत्र-
सिवनी विधायक ने वन मंत्री से पूछा कि पिछले पांच साल में सिवनी जिले में हिरण, जंगली सूकर, बाघ ने पेंच नेशनल पार्क से सटे विभिन्न क्षेत्र में जो नुकसान हुआ है। उसके लिए किन-किन जनप्रतिनिधियों के पत्र विभाग या शासन को प्राप्त हुए हैं? इसकी सूची मांगी। इस प्रश्न का उत्तर देते वन मंत्री नागर सिंह चौहान ने बताया कि सिवनी वन वृत के अंतर्गत पिछले पांच वर्षों में हिरण, जंगली, सूकर, बाघों के कारण पेंच नेशनल पार्क से सटे विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले नुकसान के सम्बंध में किसी भी जनप्रतिनिधि के पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं। इसलिए सूची देने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। वन्यप्राणी से घायल होने पर शासन निर्धारित राशि की क्षतिपूर्ति प्रभावित लोगों को देता है। वन्यप्राणियों से सुरक्षा के लिए किसानों के खेत की मेढ़ पर फैंसिंग को कोई प्रावधान नहीं है। पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी के परिक्षेत्र अंतर्गत चैनलिंक, फैंसिंग, सोलर पावर फैंसिंग, जीपीडब्ल्यू आदि लगाई गई है।

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