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विकास की हकीकतः खाट पर मरीज लेकर पांच किमी पैदल चले ग्रामीण

सड़क चलने लायक नहीं, अस्पताल पहुंचने के लिए परेशान होते है लोग

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सिवनी. स्वर्णिम मध्य प्रदेश के नाम पर वोट मांगने वाले प्रदेश की पार्टियों की सरकारों के विकास की हकीकत आदिवासी बाहुल्य जिले की इस तस्वीर बयां हो गई जिसमें बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने के लिए परिजन पांच किलोमीटर खाट पर ले जाना पड़ा तब कहीं जाकर अस्पताल में भर्ती कराया।

सिवनी जिले से विकास की हकाकत की ये तस्वीरें सामने आई हैं। मरीज को जब कई घंटों तक इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिली, तो परिवार के लोग खाट पर ही उठाकर करीब पांच किमी दूर अस्पताल पहुंचे। पूरे वाकए का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला दिखाई दे रही है जो बुरी तरह झुलस चुकी थी और दर्द के मारे खूब चींख रही है। बताया जा रहा है कि घटना शुक्रवार की है

आदिवासी महिला यमुना बाई सैयाम खेतों में मजदूरी का काम करती है। एक खेत में निदाई के दौरान अचानक उसके ऊपर बिजली का तार गिर गया। जिससे वह बुरी तरह झुलस गई। मौके पर मौजूद लोगों ने 108 एंबुलेंस को बुलाने कॉल किया पर जब काफी देर तक एंबुलेंस नहीं आई तो ग्रामीण महिला को खाट पर रखकर निकल पड़े, करीब पांच किमी दूर अस्पताल पहुंचे, लेकिन
अस्पताल में चिकित्सा की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से जबलपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।

मध्य प्रदेश के हर खास और आम व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए कई योजना चलाई जा रही है इनमें से 108 एंबुलेंस सेवा भी है जिसपर करोड़ों रुपए हर महीने सरकार कर्च करती है। लेकिन जरूरत के वक्त अगर ये सेवा लोगों के काम न आए तो सरकार का करोड़ों का बजट खर्च करना बेकार ही है।