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यहां महिला अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

- पढ़ाई के दौरान किए गए समाजिक कार्यों का दिख रहा असर

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यहां महिला अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

यहां महिला अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

अखिलेश ठाकुर सिवनी. कोरोना वायरस संक्रमण ने शासन-प्रशासन की नींद उड़ा दी है। इससे सतर्कता को लेकर किए जा रहे इंतजाम में आधी आबादी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। शहर में महिला अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। फिल्ड में उनकी कार्यशैली गजब की दिख रही है। उनके कार्य को देखकर समकक्ष पुरुष अधिकारी आश्चर्यचकित है। अब उनके कार्य करने की क्षमता की चहुंओर प्रशंसा होने लगी है। इस दौरान महिला अधिकारी जरुरतमंदों की मदद करने से भी पीछे नहीं हट रही है। एक अधिकारी की पत्नी ने तो जरुरतमंदों को खाना खिलाने की ठान लिया है। करीब पांच दिनों से उनका यह अभियान जारी है। खास है कि इन सबकी प्रशंसा करने वालों में कलेक्टर प्रवीण सिंह का भी नाम शामिल हैं।

महिलाओं को करना होगा खुद पर विश्वास
- सिवनी एसडीओपी पारूल शर्मा
हाथों में लठ लेकर भीड़ को कंट्रोल करने उनके बीच पहुंचकर नवागत एसडीओपी पारूल शर्मा खूब सुर्खियां बटोर रही है। सीएए व एनआरसी के विरोध तथा डूंडासिवनी थाना क्षेत्र में हत्या के मामले में प्रदर्शन के बाद लॉकडाउन के दौरान सोशल डिस्टेंस मेंटन नहीं करने पर भीड़ के बीच पहुंची पारूल ने लोगों को पुलिसियां अंदाज में कानून का पालन करने का पाठ पढ़ाया। उन्होंने 'पत्रिकाÓ को बताया कि महिलाएं स्वयं में सशक्त है। वे जननी है। इसलिए उनकी जिम्मेदारी अधिक है। उनको खुद पर विश्वास करना चाहिए। काम को पूरी इमानदारी से करते हुए सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करनी चाहिए। सब बेहतर होने लगता है। बताया कि मैंने दादी, नानी और परिवार से बहुत कुछ सिखा है। पहले भी मैं लोगों की मदद करती थी। अब अधिक मदद करने लगी हूं।

महिलाएं निभा रही समाज में अहम भूमिका
- जिला खनिज अधिकारी आशा लता वैध
कड़क अंदाज में मुखातिब होने वाली आशालता वैध ने करीब एक माह के अंदर आधा दर्जन पत्थर खदान और क्रेशर को सीज करने। रेलवे का कार्य कर ही निर्माणदायी कंपनियों के खनिज संपदा की चोरी करने के मामले में नोटिस जारी करने और ताबड़तोड़ रेत माफियाओं पर कार्रवाई को लेकर जिलेभर में सुर्खियां बटोर रही है। कफ्र्यू के दौरान कलेक्टर प्रवीण सिंह ने उनको सेक्टर मजिस्ट्रेट का दायित्व सौंपा है। वे ग्राम में जाने के दौरान लोगों की आवश्यक जरुरतों की जानकारी ले रही हैं। लोगों को तत्काल मदद कर रही है। अपने वाहन में मॉस्क, बिस्कुट और पानी रखकर निकल रही है। जरुरतमंदों में उसका वितरण कर रही है। उन्होंने 'पत्रिकाÓ को बताया कि वर्तमान समय में महिलाएं समाज में अहम भूमिका निभा रही हैं। मुश्किल की घड़ी में वे आगे आकर काम कर रही है। कहीं से भी वे पुरुष वर्ग से पीछे नहीं है। बताया कि मैं गांव से हूं। इसके बावजूद मेरे घरवालों ने मुझे पढ़ाकर इस मुकाम तक पहुंचाया।

पढ़ाई के समय से हैं सेवा करने की आदत
- नायब तहसीलदार निधि शर्मा
सिवनी में लॉकडाउन के दौरान नायब तहसीलदार निधि शर्मा की कार्यशैली बदली नजर आई। शांत स्वभाव की दिखनी वाली नायब तहसीलदार निधि अधिक समय कलेक्ट्रेट परिसर और कार्यालय में व्यस्त नजर आती है, लेकिन लॉकडाउन में उन्होंने हाथों में डंडा लेकर मोर्चा संभाल लिया है। कभी एसडीओपी पारूल शर्मा के संग तो कभी तहसीलदार प्रभात मिश्रा के साथ स्थिति को नियंत्रित करते नजर आई। डिस्टेंस मेंटन कराने तथा लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने की समझाइश देती दिखी। उन्होंने 'पत्रिकाÓ को बताया कि लोगों की मदद करने की आदत मेरी बचपन से ही है। पढ़ाई के दौरान मैं चार वर्षों तक हॉस्टल में रही। इस दौरान मैंने आपस में पैसे इकट्ठा कर लोगों की मदद की। बताया कि नायब तहसीलदार बनने के बाद मुझे और अधिक सेवा करने का मौका मिला है। मैं कोई मौका नही चुकती हूं।

दोस्तों के साथ मिलकर किया हैं जरुरतमंदों की सेवा
- कम्प्यूटर इंजीनियर सुरभि बाथम
कोरोना वायरस संक्रमण से सतर्कता को लेकर जिले में लॉकडाउन घोषित किए जाने के बाद शहर में घूमने वाले मानसिक बीमार और जरुरतमंदों को प्रतिदिन भोजन पहुंचाने को लेकर एआरटीओ देवेश बाथम की पत्नी कम्प्यूटर इंजीनियर सुरभि बाथम सुर्खियों में छा गई है। अब शहर के बेसहारा जरुरतमंद उनके वाहन की राह देखने लगे हैं। खास है कि उनके इस कार्य में एआरटीओ बाथम पूरा सहयोग कर रहे हैं। कम्प्यूटर इंजीनियर सुरभि ने 'पत्रिकाÓ को बताया कि इस समय देश मुश्किल दौर से गुजर रहा हैं। बहुत से लोग हैं, जिनके पास खाने-पीने को नहीं है। ऐसे में हम सबकी यह जिम्मेदारी बनती है कि हम उनके लिए खाने-पीने की चीजे उपलब्ध कराकर सहयोग करें। इस कार्य में आर्थिक रूप से मजबूत अन्य लोगों को भी आगे आना होगा। बताया कि मैं भोपाल में पढ़ाई के दौरान गरीब बच्चों को लेकर काम करती हूं। मैं दोस्तों के साथ मिलकर जरुरतमंद की मदद के लिए हमेशा कार्य किया है। मैंने गरीब बच्चों को पढ़ाया हैं। ऐसा कार्य करने के बाद मुझे अच्छा लगता हैं।