
10 साल के बच्चे की आंख के पास घुसा 5 फीट लंबा सरिया, 50 किमी दूर तक ऐसे ही लेकर पहुंचे
शहडोल. घर की छत पर गए एक बच्चे की आंख के पास 5 फीट लंबा नुकीला सरिया जा घुसा, चूंकि मामला आंख के पास का था, इस कारण परिजनों ने खुद सरिया नहीं निकालते हुए बच्चे को उसी स्थिति में 50 किलोमीटर दूर स्थित अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर सरिया निकाला, इस दौरान बच्चे को असहनीय दर्द हुआ।
मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के जयसिंह नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत आनेवाले ग्राम कुबरा में एक 10 वर्षीय बच्चा अनिल कोल अपने ही घर की छत पर डिश टीवी की छतरी को सेट करने के लिए गया था, उसी दौरान बच्चे का पैर फिसल गया और वहीं रखा एक 5 फीट लंबा सरिया बच्चे की आंख के नजदीक हिस्से में जा घुसा, ये देखकर पहले तो घरवाले घबरा गए, लेकिन फिर उन्होंने हिम्मत से काम लिया और बच्चे को सरिया फंसे हुई हालात में ही जयसिंह नगर अस्पताल में लेकर पहुंचे, लेकिन वहां के चिकित्सकों द्वारा सरिया नहीं निकाला जा सका, इसके बाद परिजन बच्चे को लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे। जहां सिविल सर्जन द्वारा तत्काल बच्चे का ऑपरेशन कर सरिया बाहर निकलाने के निर्देश दिए, ऐसे में वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम ने तुरंत ऑपरेशन कर सरिया निकाल दिया, जिसके बाद बच्चे को दर्द से काफी राहत मिली, बच्चे की आंख के पास जो सरिया लगा, वह करीब ५ फीट लंबी लकड़ी में आगे की तरफ लगा हुआ था, जिससे पता चल रहा है कि उसे कुछ खोदने या किसी उपयोग में लिया जाता होगा, लेकिन वही सरिया बच्चे की आंख के पास जा घुसा।
50 किलोमीटर ऑटो रिक्शा से लेकर पहुंचे परिजन
बच्चे की आंख के समीप फंसे सरिया को निकलवाने के लिए परिजन अस्पताल अस्पताल भटकते नजर आए, चूंकि गांव में मेडिकल सुविधा नहीं होने के कारण पहले वे जयनगर पहुंचे, लेकिन वहां भी चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए तो वे सीधे जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने सिविल सर्जन से बच्चे की आंख के पास से सरिया निकालने का निवेदन किया, तो तुरंत सिविल सर्जन द्वारा ऑपरेशन कराया गया, जिसमें डॉ धनंजय चतुर्वेदी, अपूर्व पांडे ने मिलकर ऑपरेशन कर बच्चे की आंख के पास फंसा सरिया निकाल दिया।
इन बातों का रखें ध्यान
आपके घर में अगर यहां वहां कोई नुकीली चीजें जैसे सरिया, सब्बल, गेती, फावड़ा आदि पड़ा है, जिसके लगने से व्यक्ति घायल हो सकता है, तो ऐसी चीजों को ऐसे स्थान पर रखें, जहां किसी भी तरह से बच्चा या अन्य व्यक्ति सम्पर्क में नहीं आ सके, जब आपको जरूरत हो तभी उसे निकालें और काम होने के बाद उसे तुरंत वापस रख दें। ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बच सकें। अक्सर लोग बाग बगीचे में उपयोग आने वाले कुल्हाड़ी, फावड़ा हसिया आदि भी यहां वहां रख देते हैं, उन्हें भी सुरक्षित स्थान पर ही रखा जाना चाहिए।
Updated on:
14 May 2023 10:42 am
Published on:
14 May 2023 10:08 am

बड़ी खबरें
View Allशहडोल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
