
Fraudulent was going on in the debt relief scheme of Sidhi, Fall down
शहडोल/बुढ़ार. स्टेट बैंक बुढ़ार शाखा में मनमानी का आलम बना हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं को बैंकिंग सर्विस और कर्मचारियों को प्रदाय किए जाने वाले हाउस लोन और पर्सनल लोन के लिए अपने दस्तावेजों के साथ भटकना पड़ रहा है। वहीं हितग्राही बैंक के क्षेत्राधिकारियों को बैंक परिसर पहुंचकर दिन भर तलाश करते हैं, लेकिन बैंक के अधिकारी किसी न किसी बात का बहाना बताकर कर्मचारियों को वापस लौटा देते हैं। ऐसा ही वाक्या शुक्रवार को बैंक परिसर में देखने को मिला कि कुछ शासकीय कर्मचारी लगभग 15 दिनों से बैंक में ऋ ण के लिए आवेदन दिए हैं जिनका सत्यापन करने के लिए बैंक परिसर में अधिकारी ही मौजूद नहीं हंै, इस बात की जब जानकारी चाही गई तो पता चला कि बैंक के उच्चाधिकारियों के निर्देश यह हंै कि अधिकारी केवल वसूली एवं किसान ऋ ण माफी का ही कार्य करें।
वहीं शासकीय सेवकों को बैंक से प्रदाय किए जाने वाले ऋ ण के लिए इधर उधर भटकाया जा रहा है। बैंक में चंद्रभूषण, शिवलाल, सुधीर कुमार, सुनील हरजोत जो शासकीय कर्मचारी हैं इन्होने एसबीआई के क्षेत्राधिकारी को ऋ ण के लिए आवेदन दिया था। बताया गया है कि लगभग 20 दिन गुजर जाने के बाद भी उन्हें ऋ ण का लाभ नहीं प्रदान किया जा सका। जिसके चलते उनके व्यक्तिगत कार्य रुके हुए हैं।
आवास लोन के लिए शहडोल का चक्कर
भारतीय स्टेट बैंक बुढ़ार की थ्री स्केल के शाखा में पहले तो शासकीय कर्मचारी एवं एसईसीएल कर्मचारियों को आवास लोन आसानी से मिल जाता था। लेकिन उच्चाधिकारी अपने मनमाने तरीके से आवास लोन की शाखा शहडोल में बना दी है जिसके चलते कर्मचारियों को अपनी नजदीकी शाखा से स्वीकृति प्रदान करने के बाद 22 किलोमीटर का सफर तय कर शहडोल शाखा से आवास ऋ ण के लिए जाना पड़ता है। कुल मिलाकर बैंक अधिकारी अपने उपभोक्ताओं को ऋ ण के लिए परेशान कर रखा है।
Published on:
03 Mar 2019 03:25 pm
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