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बाणगंगा कुण्ड में लगाई डुबकी, सूर्यदेव की उपासना कर किया दान

सुबह से मंदिरों में दिखी भीड़, जगह-जगह हुआ खिचड़ी के प्रसाद का वितरण

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सुबह से मंदिरों में दिखी भीड़, जगह-जगह हुआ खिचड़ी के प्रसाद का वितरण
शहडोल. मकर संक्रांति का पूर्व जिले भर में बड़े ही श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। सूर्योदय के साथ ही नगर के बाणगंगा कुण्ड में श्रद्धालुओं ने स्नान किया। इसके बाद पूरे विधि विधान के साथ सूर्य उपासना की। मंदिर में भगवान के दर्शन के बाद दान पुण्य कर सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की। नगर के साथ ही जिले के कस्बाई क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में लोग दर्शन के लिए पहुंचे। मकर संक्रांति के अवसर पर धार्मिक स्थलों पर जुटने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने समुचित व्यवस्था बनाई थी। इसके साथ ही बाणगंगा कुण्ड की सफाई कर स्वच्छ जल भरा गया था, जिससे कि स्नान ध्यान करने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर विराट मंदिर में भी सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहा।

तिल-गुड़ के साथ खिचड़ी का दान

इस दिन चावल व दाल की खिचड़ी के दान का विशेष महत्व माना गया है। लोगों ने मंदिर व अन्य धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर दाल व चावल का दान कर पुण्य अर्जित किया, वहीं जो लोग एकादशी मानते हैं वह गुरुवार को खिचड़ी दान करेंगे। इसके अलावा गुड़ तिल के लड्डू, मिष्ठान, वस्त्र सहित अन्य वस्तुओं का दान कर लोगों ने पुण्य अर्जित किया।


नगर में जगह-जगह बंटा खिचड़ी का प्रसाद


मकर संक्राति के अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिकों व समाजसेवियों ने जगह-जगह भण्डारे का आयोजन किया। सांसद आवास के साथ ही नगर के जिला अस्पताल के सामने, गांधी चौक, मेला मैदान के साथ ही अन्य स्थलों में खिचड़ी, खीर का प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़े ही उत्साह के साथ प्रसाद ग्रहण किया।

जिले में यहां भी मेले का हुआ आयोजन

मुख्यालय के साथ ही आस पास के कस्बाई क्षेत्रों में भी मकर संक्रांति के अवसर पर मेले का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय से लगभग 90 किमी दूर ब्योहारी के गोदावल धाम में सात दिवसीय मेले का शुभारंभ हुआ। बाणसागर में सोन नदी के किनारे पांच दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। जैतपुर के कुनुक नदी में श्रद्धालुओं ने स्नान कर पूजा अर्चना की व मेले का लुत्फ उठाया। इसके अलावा नौगई मेला, बुढ़ार के जरवाही घाट में भी भव्य मेला सजा।