
बारिश से बचने छिपे थे झोपड़ी में, लेकिन कुछ मिनटों में ही उनके सिर्फ अवशेष मिले
शहडोल- शहडोल संभाग के अनूपपुर जिले के आदिवासी विकासखंड पुष्पराजगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम अतरिया के जंगल में 26 मई की दोपहर एक बड़ी घटना हो गई, जहां ग्रामीण गए तो मवेशियों को चराने थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि आज कुछ ऐसी दुर्घटना होने वाली है, अचानक से मौसम ने करवट बदली, तेज आंधी तूफान के साथ लपक गरज के साथ बारिश शुरू हो गई, और वहां सभी लोग बारिश से बचने के लिए एक झोपड़ी में जा छिपे लेकिन उन्हें क्या पता था कि वो बारिश से तो बच जाएंगे, लेकिन उन पर आज आकाशीय आपदा आने वाली है। और हुआ भी वही, बिजली गिरी और बड़ा हादसा हो गया।
ऐसे हुआ हादसा
मवेशियों को चरा रहे तीन ग्रामीण आकाशीय बिजली की चपेट में जलकर मर गए। बिजली की चपेट में आने से तीनों ग्रामीणों का शव जलकर कुछ अवशेष छोड़कर शेष राख में तब्दील हो गया।
मरने वालों में एक ही परिवार के दो लोग सम्मिलित रहे। थाना करनपठार थाना प्रभारी अरविंद साहू के अनुसार ग्राम अतरिया निवासी 30 वर्षीय चंद्र सिंह पिता फूल सिंह तथा १९ वर्षीय नरेन्द्र सिंह पिता ओमप्रकाश सिंह अपनी गाय एवं घोड़े को चराने गए हुए थे।
वहीं 35 वर्षीय बुधराम पिता गिरवर मांझी पास के तालाब में मछली पकड रहा था। उनके साथ एक अन्य व्यक्ति घनश्याम सिंह भी मौजूद था। तभी अचानक मौसम में बदलाव के साथ जोरों की आंधी तूफान के साथ बारिश आरम्भ हो गई, बारिश होते देख सभी लोग अपने को बचाने बारिश की बूंदों से बचाने के लिए केशा सिंह की खेत में बनी झोपड़ी में जाकर छिप गए।
अधिक गरज के साथ बारिश को देखते हुए घनश्याम सिंह झोपड़ी से भाग कर पास के अन्य जगह चला गया। तभी अचानक जोर की बिजली कड़की और आकाशीय बिजली झोपडी पर ही आ गिरी।
जिसमें झोपडी के अंदर छिपे तीन लोगों की मौत हो गई और उनके शव राख में तब्दील हो गए। घनश्याम सिंह ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जहां मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थल निरीक्षण कर पंचनामा तैयार
करते हुए पूरी तरह से जलकर राख हो चुके शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। थाना प्रभारी के अनुसार शव जल चुका था जिसके कारण शवों को बोरे में भरकर अस्पताल के लिए ले जाया गया।

Published on:
28 May 2018 03:39 pm
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