अधिकारियों के निरीक्षण के बाद भी नहीं सुधर रहे सरकारी छात्रावासों के हालात...
शहडोल. संभाग के शासकीय छात्रावासों की स्थिति बेहतर करने भले ही अफसर लगातार दौरा कर रहे है लेकिन व्यवस्था नहीं सुधर रही हैं। अचानक बढ़ी ठंड के बीच जयसिंहनगर शासकीय आवासीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय में प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। यहां 10वीं कक्षा में पढऩे वाले एक छात्र की ठंड में तबीयत बिगड़ गई। लेकिन इसके बाद भी छात्र को अस्पताल नहीं ले जाया गया। वहीं घुनघुटी में छात्रा की तबीयत बिगड़ी तो छात्राओं को खुद चंदा कर छात्रा का इलाज कराना पड़ा।
पहला मामला
अचानक बढ़ी ठंड के बीच जयसिंहनगर शासकीय आवासीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय में प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। यहां 10वीं कक्षा में पढऩे वाले एक छात्र की ठंड में तबीयत बिगड़ गई। इसके बावजूद प्रबंधन ने गंभीरता नहीं दिखाई। अस्पताल ले जाने की बजाय उसे छात्रावास में ही रखा। बाद में परिजनों की आपत्ति के बाद छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, जयसिंहनगर शासकीय आवसीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय में पढऩे वाले कक्षा 10वीं का छात्र संदीप सिंह कंवर छात्रावास में रहता था। शनिवार की दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ गई। मुंह टेड़ा हो गया और बोलने में भी असमर्थ था लेकिन छात्रावास के कर्मचारियों ने न तो अस्पताल में भर्ती कराया और न ही परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने फोन लगाया तो छात्र बात करने में असमर्थ था और जवाब भी नहीं दे पा रहा था। बाद में परिजनों ने अन्य लोगों से संपर्क किया तो अस्वस्थ होने की बात सामने आई। जिसके बाद परिजन छात्रावास पहुंच गए और छात्र को डॉक्टर को दिखा। बाद में छात्र को अस्पताल में डॉक्टरों ने भर्ती कर इलाज किया।
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छात्रा बीमार पड़ी तो चंदा करके डॉक्टर बुलाया
घुनघुटी. ग्राम पंचायत घुनघुटी पेसा एक्ट समिति के अध्यक्ष व अन्य सदस्यों ने स्थानीय कस्तूरबा गांधी हॉस्टल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान हॉस्टल अधीक्षिका नहीं मिलीं। पूछने पर छात्राओं ने बताया कि अधीक्षिक रात से ही नहीं हैं। इसके बाद छात्राओं से उनकी समस्याओं को लेकर भी पूछताछ की गई। छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलता है। नाश्ते में दो बिस्कुट और चाय दिया जाता है। साफ-सफाई का काम कराया जाता है। दरवाजे और खिड़कियां टूटी हुुई हैं। मेंटेनेंस नहीं कराया जाता है। छात्राओं ने यह भी बताया कि पिछले दिनों रात में एक छात्रा बीमार हो गई थी। हॉस्टल अधीक्षिका के न होने के कारण चौकीदार ने चिकित्सक को बुलाया। डॉक्टर ने आकर इलाज किया और दवा दी। उसके बाद डॉक्टर की फीस 250 रुपए छात्राओं ने चंदा करके दी। छात्राओं ने अंग्रेजी शिक्षक की मांग भी की है। पेसा एक्ट समिति के अध्यक्ष पारस कोल ने इस संबंध में कलेक्टर को फोन पर जानकारी दी है। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इनका कहना है..
छात्र के बीमार होने की जानकारी मेरे संज्ञान में आई है। बीइओ को जांच के लिए भेजा है। जांच कराई जा रही है। किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर कार्रवाइ्र करेंगे। छात्र का इलाज कराया जा रहा है। मैं खुद संपर्क में हूं।
आनंद राय सिंहा, सहायक आयुक्त, शहडोल
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