18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गुणवत्ताहीन निर्माण पर इंजीनियर होंगे जिम्मेदार, करो में वृद्धि पर नहीं लगी मुहर, देखें वीडियो

नगरपालिका परिषद की बैठक में कई निर्णय, मेला और गुणवत्ताहीन कार्यो पर फोकस

3 min read
Google source verification
Engineers will be responsible for Quality construction

Engineers will be responsible for Quality construction

शहडोल। नगरपालिका परिषद की बैठक में पूरे समय तक गुणवत्ताहीन निर्माण का मुद्दा छाया रहा। पार्षदों ने शहर के अलग- अलग वार्डो में कराए जा रहे विकास कार्यो की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। कोई इंजीनियरों के कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाया तो किसी ने निर्माण कार्यो की निगरानी समिति की अनदेखी पर सवाल किया। अंतत: परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि इंजीनियर निर्माण कार्यो की गुणवत्ता की मॉनीटरिंग करेंगे। निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन होने पर इंजीनियर जिम्मेदार होंगे। उधर करो में वृद्धि के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। परिषद की इस बैठक में विभिन्न करो में होने वाली वृद्धि को फिलहाल अभी रोक दिया गया है। परिषद की बैठक में निर्णय लिया कि, अगली बजट की बैठक में विभिन्न करो में वृद्धि की जाएगी। दरअसल विभिन्न कर (डेवलपमेंट फीस, आवेदन फीस, आटा चक्की, आरा मशीन, विज्ञापन सहित अन्य कर) में वृद्धि का एजेंडा इस बैठक में शामिल था। इस दौरान नपाध्यक्ष उर्मिला कटारे, उपाध्यक्ष कुलदीप निगम, सीएमओ एके तिवारी सहित पार्षद मौजूद रहे।

घर में नहीं रखना है एलईडी, जवाब मुझे देना होता है
वार्डो में लगाई जाने वाली एलईडी पर नगरपालिका अध्यक्ष उर्मिला कटाने ने इंजीनियरों की क्लास ली। उन्होने कहा, परिषद को बदलाव करने से कुछ नहीं होगा, बेहतर काम करना होगा। एलईडी बल्ब घरों में रखने के लिए नहीं है, वार्डो में सप्लाई कीजिए। जनता तो हमसे अपेक्षा रखती है और पूछती है तो जवाब भी हमें ही देना पड़ता है।
विलो-एवव रेट पर बहस, पार्षद ने कहा, नागपुर में कई जेल गए
शहर के कई विकास कार्यो के विलो और एवव रेट पर भी काफी समय तक बहस चली। पार्षदों ने आपत्ति जताई कि किसी ने 19.30 प्रतिशत विलो में काम लिया है तो कोई वहीं पर 15 प्रतिशत एवव में काम लिया है। इस पर बैठक में मौजूद भाजपा पार्षद ने कहा, कुछ गडबड़ी नहीं हो, सुन लीजिए नागपुर में तो परिषद ही जेल में जाने की खबर है।

प्रशासन कर रहा जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा
नगरपालिका उपाध्यक्ष कुलदीप निगम ने परिषद और मेला तैयारियों की बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होने कहा कि प्रशासन जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा कर रहा है। एक दिन पहले अफसर मेला की तैयारियों का जायजा लेते हैं लेकिन नगर के जनप्रतिनिधियों को इसमें नहीं बुलाया जाता है। जनप्रतिनिधि भी इस शहर के ही हैं। वे यदि शामिल होते तो तैयारियों में और बेहतर क्या किया जा सकता है, ये भी सामने आता। इस दौरान एसडीएम सोहागपुर रमेश सिंह भी मौजूद थे।
बॉक्स
मेले में शिव तांडव, भोजपुरी के साथ छग गानों की प्रस्तुति
नगरपालिका में मेला की तैयारियों को लेकर बैठक चली। बैठक में एसडीएम रमेश सिंह, नपाध्यक्ष उर्मिला कटारे, सीएमओ एके तिवारी सहित कई अधिकारी मौजूद थे। मेला में सीसीटीवी के साथ दंगल की बात कही गई। इसके अलावा पांच दिन अलग अलग कार्यक्रम निर्धारित किए गए। इसमें शिव तांडव की प्रस्तुति के अलावा छत्तीसगढ़ी, भोजपुरी, आकेस्ट्रा और प्रदीप नितिन भजन की प्रस्तुति पांच अलग - अलग दिनों में कलाकारों द्वारा दी जाएगी। बताया गया कि 2018 में मेला ठेका नीलामी से 4 लाख 40 हजार की आय प्राप्त हुई थी।


मीटिंग के दौरान शार्ट सर्किट
परिषद की बैठक के दौरान नगरपालिका सभागार में ही शार्ट सर्किट हो गया। अचानक पीओपी के भीतर आग भी भड़कने लगी। मौके पर मौजूद दमकल विभाग के राजकुमार विश्वकर्मा ने बिजली सप्लाई बंद कराई। इसका असर बैठक में भी पड़ा। लगभग 15 मिनट तक बैठक रुकी रही।

परिषद में यह थे मुख्य एजेंडे
- कोर्ट के पीछे आवासीय नगर को शांति नगर करने पर मंथन।
- गर्मी के दिनों में पेयजल समस्या को लेकर विचार विमर्श।
- प्रमुख स्थानों में सफाई व्यवस्था ठेला सिस्टम पर विचार।
- वार्ड क्रमांक 12 में सामुदायिक भवन का निर्माण।
- जिला अस्पताल में बंद सुविधाघर को अस्पताल प्रबंधन को हैंडओवर करना।
- ट्रेचिंग ग्राउंड की बाउंड्रीवाल निर्माण लागत 22.42 लाख से प्राप्त दर पर विचार।
- वॉटर कम फोम टेंडर क्रय के लिए ऑनलाइन निविदा पर विचार।