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बाघिन और शावक ने किया युवक पर हमला, आगे जो हुआ वो बहुत खौफनाक है

अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं वन कर्मचारी

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Fight between young man and tigress

बाघिन और शावक ने किया युवक पर हमला, आगे जो हुआ वो बहुत खौफनाक है

शहडोल- शहडोल संभाग के उमरिया जिले के बांधवगढ़ अंतर्गत धमोखर रेंंज में उस समय एक बड़ी घटना हो गई, जब एक बाघिन और तीन शावकों ने एक युवक पर हमला बोल दिया। वैसे भी जब कोई खौफनाक जानवर किसी पर हमला कर दे तो वो बहुत डरावना होता है, उसकी दहशत में ही आधी हिम्मत आम इंसान की टूट जाती है, लेकिन इस युवक ने हिम्मत नहीं हारी, बल्कि बहादुरी दिखाया, और युवक की इसी बहादुरी की वजह से वो अपनी जान बचाने में भी कामयाब हो सका।

ये है पूरी घटना

ये घटना है बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अंतर्गत धमोखर रेंज की, जहां एक युवक जिसकी उम्र महज 15 साल है, ददरौनी गांव का रहने वाला है, उसके पिता का नाम बबलू यादव है, जो जंगल में तेंदूपत्ता का संग्रह करने के लिए गया हुआ था, और वो बिना किसी डर के तेंदूपत्ता का संग्रह कर रहा था, तभी अचानक जंगल में एक बाघिन और उसके तीन शावक आ जाते हैं, जिसके बाद युवक हिम्मत नहीं हारता है, और अपनी जान को बचाने के लिए पेड़ पर चढ़ जाता है, जैसे ही युवक पेड़ पर चढऩे के लिए जाता है बाघिन और तीन शावक उस पर हमला बोल देते हैं, लेकिन युवक भी फुर्ती दिखाते हुए पेड़ पर चढ़ जाता है।


हलांकि पेड़ पर चढ़ते समय युवक के पैर को बाघिन और उसके शावक पकडऩे में कामयाब हो जाते हैं। लेकिन फिर भी युवक हिम्मत जुटा कर पैर को उनसे बचाते हुए पेड़ में चढऩे में सफल हो जाता है, जिसके साथ ही अपनी जान बचाने में भी कामयाब हो जाता है। हलांकि इस दौरान युवक के पैर में चोट जरूर आई है। 15 साल के संजीव के पैर में गंभीर चोट आई है। पेड़ में चढऩे के बाद युवक काफी डरा हुआ था, और वो तबतक पेड़ से नीचे नहीं उतरा, जबतक की वहां कई स्थानीय लोग नहीं पहुंच गए।

इस समय हुई घटना

ये घटना धमोखर रेंज की है, जहां कोडार मोड़ के पास स्थित पुलिस के समीप सुबह 8.30 बजे ये घटना हुई। इस घटना के बाद से अब स्थानीय तेंदूपत्ता संग्राहक और वहां के ग्रामीण दहशत में हैं।

धरने पर वन विभाग

वहीं दूसरी ओर वन विभाग धरने पर बैठा हुआ है, अपने 19 सूत्रीय मांगों को लेकर वन विभाग अनिश्चित कालीन धरने पर है। प्रदेशव्यापी इस धरने का आज सातवां दिन है। पूरे प्रदेश के वन कर्मी इस समय धरने पर बैठे हुए हैं।

वनकर्मियों के धरने से खतरे में वन संपदा

गौरतलब है कि वन कर्मियों के धरने से अब वन संपदा भी खतरे में है, और इसका खासा नुकसान हो रहा है, जंगलों में आग लग रही है, कोई बुझाने वाला या सूचना देने वाला नहीं है, जानवरों की सुरक्षा भी सवालों के घेरे में है। शहडोल संभाग में अभी हाल ही में कई वन्य प्राणियों की मौत हुई है, और अब वनकर्मियों के हड़ताल से एक बार फिर से वन्य प्राणियों की सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। इतना ही नहीं वन कर्मियों के हड़ताल से अब जंगल के पेड़ भी सुरक्षित नहीं हैं, वन माफिया तेजी के साथ एक्टिव हो चुके हैं। एक तरह से देखा जाए तो वनकर्मियों के हड़ताल से जंगल अब अस्त व्यस्त होने लगा है।

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