
शहडोल. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभान्वित किसानों का रिकार्ड अब सरकार ने खंगालना शुरू कर दिया है। जिसके लिए सभी जिले को कार्रवाई के निर्देश जारी हो चुके हैं। जिले में अभी तक 185 किसान आपात्र पाए गए हंै। जिन्हे नोटिस जारी कर पैसे वापस जमा करने की कर्रवाई भी शुरू कर दी है। किसान सम्मान निधि के लिए सरकार पात्रता के कुछ नियम रखे थे लेकिन नौकरी पेशा व आयकरदाता किसान भी सम्मान निधि पाने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया था जो अब उनके गले की फांस बन गई। केंद्र सरकार ने राज्यों को जारी किए निर्देश में कहा था कि योजना का लाभ लेने वाले कई किसान ऐसे हैं जो इनकम टैक्स के दायरे में आते हैं। फिर भी अपने खाते में पैसे ट्रांसफ र करा रहे है। बावजूद इसके कि केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश है कि सिर्फ छोटे और सीमांत किसानों को ही योजना के तहत आर्थिक मदद दी जाएगी।
जिले में 185 किसान मिले अपात्र
शहडोल जिले में जांच के दौरान 185 किसानों की लिस्ट अभी तक सामने आई है जो फर्जी तरीके से सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। प्रशासन की ओर से कार्रवाई करते हुए अभी तक 14 लाख 66 हजार से अधिक की राशि सरकार के खाते में वापस कराई जा चुकी है । आगे की कार्रवाई मैदानी अमला कर रहा है। जिन 185 किसानों को योजना का लाभ अभी तक मिल रहा था वह आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी व टैक्सपेयी किसान थे जो जांच में सामने आए है।
7 करोड़ 26 लाख का सालाना भुगतान
पीएम किसान सम्मन निधि के लिए जिले में 1 लाख 21 हजार किसान पंजीकृत है जिन्हे योजना का लाभ दिया जा रहा है। सरकार द्वारा प्रति किसान को 6 हजार रुपए प्रतिवर्ष दिया जाता है। जिसके लिए किसानों को 7 करोड़ 26 लाख से अधिक का भुगतान सालाना किया जा रहा है।
आयकर दाता, उद्योग चलाने वालों ने लिया लाभ
यह योजना लघु एवं मंझोले किसानों को आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए शुरू की गयी थी जिससे वे न सिर्फ अपनी कृषि सम्बन्धी व्ययों को पूरा कर सकें बल्कि उन्हें असंगठित क्षेत्रों के व्यक्तियों से कर्जा भी ना लेना पड़े। भारत के इन किसानों ंके सशक्तिकरण में सरकार ने बड़ा कदम उठाया था। इस योजना के तहत यह स्पष्ट किया गया था की आयकर देने वाले किसान इस योजना के पात्र नहीं होंगे। जिले में यह तथ्य सामने आये हैं कि बहुत से आयकर भरने वाले किसान और उद्योग करने वाले व्यक्तियों को इस योजना का लाभ दिया गया है। ऐसे अपात्र किसानों से अब सरकार ने वसूली करना शुरू कर दिया है।
पोर्टल में जमा करा सकेंगे पैसा
सम्मान निधि का लाभ रहे ऐसे किसान जो पात्रता की श्रेणी में नहीं आते थे व अभी तक योजना का लाभ ले रहे थे। ऐसे किसानोंं को पीएम किसान पोर्टल में ऑनलाईन रिफंड में जाकर या एसबी कलेक्ट के माध्यम से पैसों को वापस करना होगा अन्यथा कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। सरकार की तरफ से स्पष्ट कर दिया गया है कि पात्रता को ध्यान में रखते हुए किसानों को योजना का लाभ मिलना चाहिए। अपात्रों को लाभ मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए पात्र किसानों को अपनी ई- केवाईसी अपडेट कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। जिससे कि सही तरीके से चिन्हांकन किया जा सके।
Published on:
12 Sept 2022 12:43 pm
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