
शहडोल- अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम एससी/एसटी एक्ट को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के विरोध में आज दलित और आदिवासी संगठनों ने देशभर में भारत बंद का ऐलान किया। जहां अलग-अलग जगह, अलग-अलग असर देखने को मिला।
शहडोल में बंद बेअसर
शहडोल जिले में इसका असर बेअसर रहा, हलांकि हजारों युवाओं ने शहर में रैली जरूर निकाली, लेकिन बाजार खुला हुआ है। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर चौकन्नी नजर है। पुलिस ने शहर की सुरक्षा बढ़ा दी है।
अनुपपुर में बंद का असर
अनुपपुर जिले में भी बंद अभी तक बेअसर ही है, वहां भी बाजार खुले हुए हैं। हलांकि शहर में रैली निकालने की तैयारी चल रही है। प्रदेश के कुछ जगहों पर हुए घटनाओं के बाद एडिशनल एसपी ने बैठक बुलाई।और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इतना ही नहीं खुद भी शहर में घूमकर सुरक्षा व्यवस्था को देखा। शहर में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
उमरिया में बंद का असर
उमरिया में आज वैसे भी बाजार बंद रहने का दिन है। लेकिन यहां भी सबकुछ सामान्य है। युवाओं ने रैली जरूर निकाली, लेकिन सबकुछ सामान्य है। एक तरह से देखा जाए तो यहां भी बंद का असर बेअसर ही है।
मंडला में बंद का मिला जुला असर
मंडला की बात करें तो यहां मिला जुला असर रहा। आदिवासी समाज सहित कई संगठनो ने रैली निकाल कर सोमवार को बंद का आव्हन किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त थी। पुलिस की एक टीम रैली के साथ थी। जिससे सुरक्षा व्यवस्था में कोई दिक्कत ना हो। रैली में ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही शासकीय कर्मचारी भी नजर आए, महिला, पुरुष सभी वर्ग के लोगों ने रैली को विशाल बनाया। इतना ही नहीं बिछिया में बंद कराने के लिए महाविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ आदिवासी और दलित संगठन दुकानें बंद कराने को लेकर रैली निकालकर किया प्रदर्शन, शहर बंद के दौरान कुछ दुकानें जबरन बंद करवाने का प्रयास कर रहे आदिवासियों और व्यापारियों के बीच बहस और भारी विवाद भी हुआ। जबरदस्ती बंद के खिलाफ व्यापारी संघ ने नारेबाजी भी की, आदिवासी समाज ने शहर भर में रैली निकाली।

Published on:
02 Apr 2018 02:57 pm

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