शहडोल. दीदी जीजा जी मुझे माफ करना। मैं इतने ही दिनों के लिए आया था। मां पापा आप भी मुझे माफ करना और गुस्सा मत होना। सोसाइड नोट में कुछ ऐसी ही कुछ बातें लिखकर डिग्री कॉलेज के छात्र ने पेड़ में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मंगलवार की सुबह पेड़ में लटकती हुई छात्र की लाश मुख्यालय से सटे उमरिया जिले के अमिलिहा में मिली। पुलिस ने बताया कि शहर के पाली रोड निवासी छात्र ज्ञानेन्द्र सिंह एमए का छात्र था। सोमवार की रात एकाएक घर से निकल गया। इसके बाद सांई मंदिर के समीप छात्र की पेड़ में लटकी लाश मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार करते हुए शव को पीएम के लिए भेजा। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस के अनुसार छात्र फांसी लगाने के पूर्व रात में अपने एक दोस्त को घटना की जानकारी दी और फांसी लगा ली। पुलिस के अनुसार छात्र फांसी लगाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था तो पहले नशीली दवाईंयों का सेवन किया था। छात्रहितों के लिए हमेशा आवाज उठाने वाला छात्र हमेशा के लिए शांत हो गया था। खबर लगते ही कॉलेज से छात्र छात्राएं बैग सहित अस्पताल पहुंच गई और कॉलेज में सन्नाटा छा गया। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ज्ञानेन्द्र ने वाट्सअप स्टेटस भी बदला था। जिसमें लिखा था किनारों पर तैरने वाली लाश को देखकर ये समझ आया कि बोझ शरीर का नहीं, सांसों का था।