2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अस्पताल में ओटी की हालत जर्जर, जान जोखिम में डालकर चिकित्सक कर रहे ऑपरेशन

ऑपरेशन के दौरान मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा

2 min read
Google source verification
अस्सपताल में ओटी की हालत जर्जर, जान जोखिम में डालकर चिकित्सक कर रहे ऑपरेशन

अस्सपताल में ओटी की हालत जर्जर, जान जोखिम में डालकर चिकित्सक कर रहे ऑपरेशन

शहडोल. ये तस्वीर संभाग की सबसे बड़े शासकीय अस्पताल शहडोल के ऑपरेशन थिएटर की है। जिला अस्पताल के पुराने भवन को भले ही प्रबंधन करोड़ो रुपए खर्च कर नया स्वरूप देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ओटी की हालत आज भी जर्जर है। चिकित्सक टूटती सीलिंग के नीचे ऑपरेशन करने को मजबूर हैं। तीन महीने से अधिक समय से ओटी की सीलिंग टूटकर नीचे गिर रही है, जिसके सुधार कार्य को लेकर प्रबंधन ठोस कदम नहीं उठा रहा है। प्रबंधन की लापरवाही से यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके साथ ही टूटती सीलिंग से उडऩे वाला डस्ट व मलवा मरीजों के लिए संक्रमण पैदा कर सकता है। प्रबंधन अस्पताल के बाहरी हिस्सों के रंगरोगन व अन्य सुविधाओं को बढ़ाने में लगा हुआ है, लेकिन संवेदनशील जगहों पर आज भी सुधार कार्य नहीं किए जा रहे है। बताया जा रहा है कि गुरूवार को भी एक मरीज के ऑपरेशन के दौरान सीलिंग टूट कर फर्श पर गिर गया। जिसे ऑपरेशन के बाद कर्मचारियों ने हटाया।
ओपीडी कक्ष का भी यही हाल
अस्पताल के ओपीडी कक्ष को करीब तीन महीने पहले नए स्थान पर शिफ्ट किया गया है। यहां प्रबंधन पहले ही छत की मरम्मत कराकर पीओपी कराकर महंगे लैम्प लगवाए थे। ओपीडी कक्ष की शुरूआत होते ही बीते महीने यहां की पीओपी गिर गया जो आज भी उसी हालत में है। यहां बैठने वाले कर्मचारियों में दहशत का माहौल बना रहता है।
तीन महीने से बदहाल ओटी
जानकारी में बताया गया कि ओटी की हालत बीते करीब 3 महीने से जर्जर हालत में है। प्रबंधन को जानकारी के होने के बाद भी मरम्मत कार्य नहीं किया जा रहा है। सीलिंग में लगाए गए पीओपी पूरी तरह टूट चुकी है। असुविधा के कारण कक्ष में रखे मशीन व ऑपरेशन टूल्स खराब हो रहे हैं।
मेडिकल वार्ड में भी गिरा था प्लास्टर
अस्पताल के मेल मेडिकल वार्ड के स्टॉप कक्ष का छत बीते महीने अचानक गिर गया था। जिसमें कर्मचारी बाल-बाल बचे थे। इस दौरान पूरे कक्ष में करंट फैल गया था। ड्यूटी में तैनात कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकले। प्रबंधन अपनी लापरवाही छिपाने तत्काल कक्ष में ताला लगवा दिया जो आज भी उसी हालत में बंद है।
इनका कहना है
अस्पताल के ओटी में छत मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही अन्य स्थानों की मरम्मत कराई जा रही है।
डॉ. जीएस परिहार, सिविल सर्जन जिला अस्पताल

Story Loader