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अस्पताल में मौसमी बीमारी की पूरी दवाई नहीं, बाहर से दवा लेने को मजबूर हो रहे मरीज

आधी अधूरी दवाई मिलने से मरीज परेशान

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अस्पताल में मौसमी बीमारी की पूरी दवाई नहीं, बाहर से दवा लेने को मजबूर हो रहे मरीज

अस्पताल में मौसमी बीमारी की पूरी दवाई नहीं, बाहर से दवा लेने को मजबूर हो रहे मरीज

शहडोल. जिला चिकित्सालय में इन दिनों मरीजों को आधी अधूरी दवा मिलने के कारण परेशान होना पड़ रहा है। कहने को तो अस्पताल में हर मर्ज की दवा मुफ्त दी जाती है। लेकिन सर्दी, जुखाम, बुखार के साथ ही दर्द निवारक जैसी दवा की अनुपलब्धता होने के कारण मरीजों को पूरी दवाई नहीं मिल पा रही है। पत्रिका टीम जिला अस्पताल के दवा वितरण कक्ष के बाहर मरीजों को मिलने वाली दवाइयों का जायजा लिया तो हर तीसरी पर्ची में डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाईयों में एक से दो दवा न मिलने की बात सामने आई। जिसको लेकर मरीज परेशान देखे गए। कुछ मरीज दूर दराज के ग्रामीण इलाकों से इलाज के लिए पहुंचे थे। जिनकों पूरी दवा न मिलने के कारण उन्हें बाजार से मिलती जुलती दवा लेने मजबूर होना पड़ा। वहीं किडऩी, शुगर, दर्द, बुखार, जख्म के मरीजों को अधूरी दवा देकर लौटाया गया।
पांच महीने से नहीं है शुगर की दवा
जिला अस्पताल में शुगर की महत्वपूर्ण दवा बीते 5 महीने से नहीं है। शुगर रोग से ग्रसित मरीजों ने बताया कि जो दवा बीते पांच महीने पहले आती थी, उसमें एक टेबलेट ही लेना पड़ता था, लेकिन अब जो दवा दी जाती है उसके साथ एक दवा अतिरिक्त लेनी पड़ रहा है। मरीजों ने बताया कि बीते पांच महीने से दवा का अभाव बना हुआ है। प्रबंधन दवा को लेकर ठोस कदम नहीं उठा रहा है। जिसके कारण परेशानी हो रही है।
बस किराया के अलावा पैसे नहीं, कैसे लूं दवाइयां
दुअसिया पाव पति रामश्रय पाव 45 वर्ष निवासी अमझोर ने बताया कि उसके सिर व बदन में दर्द होने के कारण अस्पताल पहुंची थी। ओपीडी में चिकित्सकों ने जांच के बाद 5 प्रकार की दवाई पर्चे पर लिखी। दवा कक्ष में महिला को सिर्फ 4 प्रकार की दवा ही उपलब्ध हो सका। एक दवा नहीं होने के कारण वह परेशान रही। महिला ने बताया कि उसके पास बस के किराया के अलावा अतिरिक्त पैसे नहीं है। जिसके कारण वह दवा नहीं खरीद सकती।
5 में सिर्फ दो दवाइयां मिली
वार्ड नं 32 निवासी महेश प्रसाद पिता समय लाल यादव ने बताया कि उसके शरीर में खुजली होने से वह काफी परेशान है। दो बार जिला अस्पताल में चिकित्साकों को दिखा चुका है, लेकिन पूरी दवा न मिलने के कारण उसे आराम नहीं मिल रहा है। महेश ने बताया कि जांच के बाद चिकित्सकों ने 4 प्रकार की दवा लिखी थी, जिसमें जेल नहीं मिला पाया था। वहीं जांच के बाद डॉक्टर ने 5 प्रकार की दवा लिखी जिसमें सिर्फ दो दवा ही मिल सकी है।
शुगर की दवाइयां भी नहीं मिली
वार्ड 4 निवासी तनवीर हैदर पिता शौकत हुसैन 45 वर्ष को शुगर व किडनी के रोग से ग्रसित हंै। दो साल से जिला चिकित्सालय से इलाज चल रहा है। पूरी दवा न मिलने के कारण परेशानी बढ़ जाती है। जिसके के बाद बाहर से दवा खरीदने की मजबूरी होती है। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सक ने 6 प्रकार की दवा पर्ची में लिखी, लेकिन दवा वितरण कक्ष से सिर्फ पांच प्रकार की दवा ही मिल सकी। तनवीर ने बताया कि शुगर जैसी बीमारी की दवा न मिलने से परेशान होना पड़ता है।

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