
त्रिशला महिला मंडल ने आयोजित किया आनंद मेला, सामाजिक समरसता एवं आपसी मेल मिलाप का दिया संदेश
शहडोल/बुढ़ार। सरस्वती शिशु मन्दिर प्रांगण में जैन त्रिशला महिला मंडल बुढ़ार द्वारा आनंद मेला का आयोजन किया गया। जिसमें भारी संख्या में नागरिकों ने सम्मिलित होकर अपनी सहभागिता निभाई तथा मेले का लुत्फ उठाया। आपसी मेल मिलाप को और अधिक प्रगाढ़ता अर्जित करानें के उद्देश्य से त्रिशला महिला मंडल ने आनंद मेले का आयोजन किया। आयोजित मेले में तरह-तरह के स्टाल लगाये गये और उपस्थित जनों ने चटपटे स्वादिष्ट पकवान और मनोरंजक खेंलो का भरपूर लुत्फ उठाये।
आनंद मेला के अवसर पर नगरपरिषद अध्यक्ष कैलाश विश्नानी, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी सरावगी, रविकांत चौरसिया, नगर पंचायत पूर्व उपाध्यक्ष राजकुमार सरावगी, शासकीय महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. आशा अग्रवाल, सुजीत सिंह चंदेल, नसीर राजा, मो. शाहिद, डॉ. मनोरमा सिंह, सरोज जैन, अंजना जैन, शशिकला ताम्रकार, धन्य कुमार जैन, विजय नारद, ऋषि जैन, सहित भारी संख्या नागरिक, महिलाये व बच्चों की उपस्थिति रही।
जैन त्रिशला महिला मण्डल की अध्यक्ष जूली जैन ने मेले में पधारें सभी सम्मानीय जनों का स्वागत करते हुए कहाकि सामाजिक समरसता एवं आपसी मेल मिलाप में सभी की प्रगाढता और बढ़े यह मेले का मुख्य उद्ेदश्य रहा ।
अतिथि विदवानों ने वेतन वृद्धि को लेकर सौपा ज्ञापन
स्थानीय शासकीय नेहरू स्नाातकोत्तर महाविद्यालय में जनभागीदारी मद से कार्यरत अतिथि विद्वानों को 1500 रूपये प्रति दिवस एंव कम्पूटर आपरेटर द्वारपाल भृत्य कर्मचारियों को 1000 हजार रूपये वेतन वद्वि एंव अतिथि विदवानों को नियमितीकरण को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ को ज्ञापन सौपा । इसके पहले इस मामले को लेकर अवगत कराया चुका था । अतिथि विदवानों को सरकार में आने पर नियमितीकरण करने का वचनपत्र में शामिल था। जिसे पुन: स्मरण दिलवाकर नियमितिकरण किया जाये। सपन सौपने वालों मे रीतेश सिंह एसएम पाण्डेय, माधुरी शर्मा रेखा, सोमा ,अंजलि अग्रवाल ,मनीस महरा एंव कर्मचारी शामिल है।
वेतनवृदधि को लेकर संस्था की प्राचार्य को भी एक ज्ञापन सौपा है । जिसमे मप्र शासन उच्चशिक्षा विभाग के पत्र क्रमॉक 1-42 2017: 38-1 के आधार पर प्रति कार्य दिवस पंन्द्रह सौ रूपये, अतिथि विद्वानो को एंव एक हजार रूपये कर्मचारियों को सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर 2018-19 से जुलाई माह से जनभागीदारी मद से वेतन बढ़ाकर दिये जाने की व्यवस्था की गई है ।लेकिन महाविद्यालय के द्वारा नही दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री को सौपे गये ज्ञापन में लेख है कि जनभागीदारी स्ववित्त द्धारा संचालित पाठयकमों को परंम्परागत पाठयक्रमों मे
शामिल किया जाये। वर्तमान समय मे मध्यप्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों मे जनभागीदारी पाठयक्रम के तहत अध्यापन कार्य कर रहे समस्त अतिथि विदवानों को नियमितिकरण किया जाये।
Published on:
13 Jan 2019 07:42 pm

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