सलसलाई (शाजापुर). जिले के सलसलाई के समीप खरसोदा में विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के गुलाना प्रखंड संयोजक का घर के बाहर इमली के पेड़ पर फंदा लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक दिन पहले युवक का अपहरण हुआ और दूसरे दिन सुबह उसका शव पेड़ पर लटका मिला। इस सूचना पर बड़ी संख्या में लोग के साथ यहां पुलिस पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। विहिप-बजरंगदल जिला पदाधिकारियों और परिवारजन ने पीएफआई पर युवक के अपहरण और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। एक दिन पहले प्रखंड संयोजक ने सलसलाई पुलिस को अपहरण की शिकायत की थी लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया।
पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारी और विहिप-बजरंग दल के प्रखंड संयोजक खरसोदा निवासी लक्ष्मणसिंह (३०) पिता जटालसिंह राजपूत का शव मंगलवार सुबह ६ बजे उनके घर के बाहर इमली के पेड़ पर लटका देखा गया। पिता जटालसिंह और परिजन प्रकाश मेवाड़ा ने बताया कि लक्ष्मणसिंह सोमवार सुबह से लापता था। रात को लक्ष्मण घर पहुंचा तो उसने बताया कि उसका अपहरण हुआ था। उसने परिजन को बताया था कि सोमवार सुबह १० बजे अजनाई में पशु का उपचार करने गया था। यहां से लौटते समय नीले रंग के चार पहिया वाहन में सवार लोगों ने उससे आगे का रास्ता पूछा। लक्ष्मण बाइक रोककर रास्ता बताने लगा। इसी दौरान चार पहिया सवारों ने उसे पकडक़र गाड़ी में खींच लिया और मुंह पर कपड़ा बांधकर सीट के नीचे पटक दिया।
मोबाइल छीना, हथियार दिखाकर डराया
परिजनों का कहना है, लक्ष्मण ने बताया था कि चार पहिया वाहन सवार उसे अकोदिया लेकर पहुंचे और मोबाइल छुड़ाकर सिम निकालकर फेंक दी। अपहरण करने वालों के पास झंडे थे, जिसमें से कुछ झंडों को लक्ष्मण ने कपड़ों में छुपा लिया। लक्ष्मण ने बताया था आरोपियों ने उसे बंदूक और अन्य हथियारों से डराते हुए बताया कि हम किस तरह से कत्ल करते हैं। वहीं उक्त लोग किसी से फोन पर बात कर रहे थे कि इसका काम खत्म कर दिया है।
पेट्रोल पंप पर उतरकर भागकर बचाई जान
परिजन ने बताया लक्ष्मण ने कहा था कि अपहरण करने वाले उसे शाजापुर से पनवाड़ी की ओर ले जा रहे थे। पेट्रोल पंप पर डीजल लेने के लिए रुके। इसी दौरान वह गाड़ी से भाग निकला और जैसे-तैसे शाम तक सारंगपुर पहुंचा। यहां से अकोदिया पहुंचा। अजनाई जोड़ से उसका अपहरण हुआ था, वहां से लक्ष्मण की बाइक किसी ने लाकर अकोदिया नगर परिषद के सुविधाघर के पास रख दिया था। लक्ष्मण ने परिचित से उधार लेकर पेट्रोल डलवाया और शाम करीब ७ बजे अपने गांव पहुंचा।
यह आत्महत्या नहीं, हत्या है
जिले में पीएफआई संगठन सक्रिय है। इसी संगठन के सदस्यों के अपहरण करने के कारण प्रखंड संयोजक ने तनाव में आकर यह कदम उठाया होगा। पुलिस इसे आत्महत्या कह रही है, जबकि यह हत्या है। इसकी मामले की गंभीरता से जांच हो तो सत्य सामने आएगा।
राजेश जादम, विभाग मंत्री, बजरंग दल-शाजापुर
अलग-अलग टीम बनाकर कर रहे जांच
सलसलाई थाने के ग्राम खरसोद में लक्ष्मणसिंह राजपूत के पेड़ पर फंदे पर लटकने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम को लेकर जिला अस्पताल पहुंचाया। परिजन ने मृतक के अपहरण व अन्य गतिविधियों का थाने पर आवेदन दिया है। सभी बिंदुओं पर एसडीओपी शुजालपुर के साथ अलग-अलग टीम बनाकर जांच की जा रही है।
त्रिलोकचंद्र पंवार, एसडीओपी-बेरछा