16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दवा विक्री का हिसाब नहीं रखा तो निरस्त होगा दुकान का लाइसेंस 

नई दवा विक्रय नीति नहीं लागू करने वाले दुकानदारों पर होगी कार्रवाई

2 min read
Google source verification

image

Ashish Kumar Shukla

Jun 20, 2016

medical

medical

सिद्धार्थनगर. दवा बेंचने वाले दुकानदारों की मनमानी अब नहीं चलने पाएगी। दवा बिक्री नीति का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों को लाइसेंस से हाथ धोना पड़ सकता है। दवा बिक्री नीति के अनुसार फुटकर मेडिकल स्टोरों पर फार्मासिस्टों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। अगर दुकान पर फार्मासिस्ट अनुपास्थित पाए जातें है तो भी दुकान का लाइसेंस निलम्बित या फिर निरस्त कर दिया जाएगा। इस सम्बंध में खाद्य एंव औषधि विभाग ने जिम्मेदारों को दिशा निर्देश जारी किया है।

मेडिकल स्टारों पर बिना फार्मासिस्ट के ही दवाओं की बिक्री धडल्ले से की जा रही है। कई बार चेतावनी के बाद भी मेडिकल स्टोरों पर फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में ही दवाओं की बिक्री जा रही है। जिसको लेकर शासन सख्त हो गया है। इस सम्बंध में शासन ने सभी औषधि निरीक्षकों को पत्र जारी कर दवा विक्रय नीति का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश् दिया है। जिसके बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है। इस सम्बंध में सभी औषधिक निरीक्षकों को दुकानों के निरीक्षण आदि के लिए प्रारूप दिया गया है। जिसके तहत दवा विक्रय नीति के सम्बंधित सभी जानकारी देने के साथ ही दवा के रख रखाव, फ्रिज आदि की व्यवस्था, क्रय विक्रय का ब्योरा आदि की पूरी जानकारी जुटाकर शासन को मुहैया कराया जाना है। साथ ही दव बिक्रय नीति का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों के दुकान का लाइसेंस निलम्बित करने के साथ ही निरस्त भी किया जा सकता है। इसके लिए विभाग द्वारा अभियान भी चलाया जाएगा।

दुकानदारों का दवा बिक्री का रखना होगा पूरा ब्योरा
शासन के निर्देश के तहत दवाओं की बिक्री करने वाले दुकानदारों को दवा बिक्री का पूरा ब्योरा रखना होगा। जिसमें सभी प्रकार की जानकारी होगी। जिससे कि जरुरत पड़ने पर सभी प्रकार की जानकारी आसानी से जुटाई जा सके। दवा दुकानदारों को मेडिकल स्टोर पर फ्रिज, क्रय विक्रय अभिलेख, कैशमेमो पर चिकित्सक, मरीज का नाम व पता, दवा का बैच नम्बर, एक्सपायरी डेट, विक्रय की गई औषधि की मात्रा, क्वालीफाइड व्यक्ति के हस्ताक्षर आदि का पूरा ब्योरा रखना होगा। जिसकी जांच औषधि निरीक्षण द्वारा किया जाएगा। उक्त सभी अभिलेख अथव ब्योरा नहीं होने पर दवा की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

नई रेट की दवाओं का रखना होगा स्टाक
नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथारिटी द्वारा कई औषधियों के मूल्यों में कमी की गई है। दुकानदारों को ऐसी दवाओं को अपनी दुकान में रखना होगा। साथ ही इस तरह की दवाओं का पुराना स्टाक कम्पनियों को वापस करना होगा। ऐसा नहीं करने वाले दुकानदारों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस सम्बंध में औषधि निरीक्षक ने दवा दुकानदारों से रेट से सम्बंधित पुरानी दवाओं का स्टाक हटाकर नई रेट वाली दवाओं का स्टाक रखने का निर्देश दिया है।

छापेमारी के लिए विभाग चलाएगा अभियान
नई रेट की दवाओ ंकी मेडिकल स्टोरों पर उपलब्धता व दवा विक्रय नीति का पालन करान सुनिश्चित करने को लेकर शासन ने सभी औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिया है। दवा विक्रय नीति का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए विभाग द्वारा जल्द ही अभियान की शरुआत की जाएगी।

विभाग ने चिन्हित की है दवा की 10 दुकाने
औषधि विभाग के आंकड़ों के अनुसार औषधि प्रशासन द्वारा 10 गांवों की सूची तैयार की गई है। जहां पर दवा विक्रय नीति का पालन नहीं करते हुए मनमाने तरीके से मेडिकल स्टोर का संचालन किया जा रहा है। ऐसे दुकानदारों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चत की जाएगी।

ये भी पढ़ें

image