6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

MP में यहां पेड़ के नीचे लगती है पाठशाला, 6 वर्ष बाद भी नहीं नसीब हुआ भवन

कक्षा में रखी है स्कूल सामग्री, मामला बहरी तहसील के प्राथमिक शाला मदरही का, राशि स्वीकृत होने के बाद भी नहीं शुरू हो पाया भवन का निर्माण

2 min read
Google source verification

सीधी

image

Suresh Mishra

Jul 11, 2018

children school running under the tree in sidhi madhya pradesh

children school running under the tree in sidhi madhya pradesh

सीधी। शिक्षा को बढ़ावा देने, शैक्षणिक स्तर पर सुधार लाने के साथ ही शैक्षणिक भवनों को दुरुस्त करने के लिए भले ही शासन द्वारा पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा हो, लेकिन सीधी जिले में आज भी कुछ स्कूल ऐसे हैं जो पेड़ के नीचे संचालित हो रहे हैं। हम बात कर रहे हैं जिले के बहरी तहसील अंतर्गत मदरही में संचालित शासकीय प्राथमिक पाठशाला की। पाठशाला की छात्र संख्या 150 के लगभग है।

यह विद्यालय मदरही के शासकीय उचित मूल्य की दुकान के पास है, जहां दो कमरे सामुदायिक भवन के बने हुए हुए हैं। इनमें एक कमरे में उचित मूल्य की दुकान संचालित की जाती है तथा दूसरे कमरे में विद्यालय अपने संसाधनों को रखता है। बच्चों को शिक्षा देने का कार्य भवन के पास ही पेड़ के नीचे किया जाता है।

यहां गत वर्ष विद्यालय प्रबंधन द्वारा अस्थाई झोपड़ी का निर्माण कर लिया गया था, जिसके नीचे बैठकर बच्चे शिक्षा ग्रहण करते थे। लेकिन इस झोपड़ी का छप्पर इस वर्ष नष्ट हो चुका है। केवल ढांचा बचा है। उसके नीचे बैठकर बच्चे शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। यह स्कूल वर्ष 2012 से संचालित है।

आंदोलन की तैयारी
पेड़ के नीचे विद्यालय संचालन की जानकारी मिलने पर पिछले सत्र के नवंबर में श्री गणेश युवा कला एवं समाज कल्याण समिति बहरी ने आवाज उठाई थी। समिति के रितेश गुप्ता सहित अन्य ने जिला प्रशासन और संकुल प्रमुख का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि जल्द भवन का निर्माण कराया जाए। यदि जिला प्रशासन द्वारा शीघ्र विद्यालय के लिए भवन की व्यवस्था नहीं की गई तो हमारी समिति द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।

नहीं शुरू हुआ निर्माण
जानकार बताते हैं, इस विद्यालय के भवन निर्माण हेतु करीब 6 लाख रुपए स्वीकृत किए जा चुके हैं। निर्माण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपी गई है, लेकिन ग्राम पंचायत द्वारा अब तक भवन का निर्माण शुरू नहीं कराया गया है।