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सीधी। शहर को व्यवस्थित करने के लिए कलेक्टर के द्वारा प्रयास किया जा रहा है किंतु स्थानीय फुटपाथी व ठेला व्यवसाई कलेक्टर की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। कलेक्टर के द्वारा इधर-उधर फैले फल व्यवसाइयों को व्यवसाय करने के लिए एक स्थान मुहैया कराया गया, जहां चद दिनो तक दुकान सजाने के बाद विक्रेता फिर अपने मनमानी जगह पर वापस लौट गए। जिससे फिर से सड़क के किनारे दुकाने संचालित होने लगी हैं, ऐसी स्थिति मे यातायात व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर अभिषेक सिंह के द्वारा फल मंडी के लिए पुराने परिवहन कार्यालय के सामने स्थान निर्धारित किया गया था, जहां नगर पालिका की मदद से शहर मे इधर-उधर फैले फल विक्रेताओ को यहां लाकर व्यवस्थित किया गया। किंतु चंद दिनो बाद ही प्रशासन की मेहनत पर पानी फिर गया क्योकि फिर से ठेला व्यवसाई अपनी दुकानें फल मंडी की जगह मुख्य सड़क के किनारे लाकर सजा लिए हैं, तर्क दिया जा रहा है कि फल व्यवसाय करने के लिए जो स्थान चयन किया गया है, वहां फर्स का निर्माण नहीं किया गया है जिसके कारण वारिस के मौसम मे कीचड़ हो जाएगा और व्यवसाय करना मुश्किल हो जाएगा, वहीं कीचड़ मे खरीददार भी नहीं आ पाएगें, जिसके कारण दुकानदान फिर से सड़क के किनारे अपनी दुकाने सजा लिए हैं।
बस स्टैंड मे भी फिर लगा ठेलों का जमावड़ा-
स्थानीय सोनांचल बस स्टैंड मे भी ठेलों का जमावड़ा लगा लिया गया था, जिससे लोगो को वाहन पार्क करने के लिए भटकना पड़ रहा था, जिस पर कलेक्टर की नजर पडऩे पर वे ठेलों को हटाकर दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे, जिस पर नगर पालिका ठेलो को हटवाने के लिए आगे आया, दो दिनों तक तो बस स्टैंड मे ठेले नहीं लगाए गए किंतु तीसरे दिन से पुन: बस स्टैंड मे ठेलों की दुकाने सजने लगी है, कलेक्टर के निर्देश का भी पालन कराना प्रशासन के द्वारा उचित नहीं समझा जा रहा है।
जमीन है विवादित-
पुराने परिवहन कार्यालय के सामने जिस स्थान पर फल मंडी संचालन के लिए स्थान आरक्षित किया गया है, वह जमीन वर्षों से विवादित चल रही है। जिसमें स्थानीय होटल संचालक भारत सिंह व भारतीय जनता पार्टी के बीच विवाद की स्थिति चल रही है। जिसका उच्च न्यायालय से स्थगन चल रहा है। इन सबके बीच कलेक्टर के द्वारा फल मंडी के लिए स्थान निर्धारित कर दिया गया है।
Published on:
23 Jun 2019 09:14 pm
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