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हाट-बाजार के नाम पर चल रही अवैध वसूली

सिहावल विधानसभा के बमुरी ग्राम पंचायत में चल रही अवैध वसूली, बगैर नीलामी वसूली कर सरपंच-सचिव पर राशि बंदरबांट करने का आरोप

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sidhi news

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सिहावल। जनपद पंचायत सिहावल अंतर्गत ग्राम पंचायत बमुरी के ग्राम रामपुर में सप्ताह में 2 दिन लगने वाले हॉट बाजार में व्यापारियों से बैठकी को लेकर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। यह वसूली ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव द्वारा अपने नुमाइंदो के माध्यम से कराई जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रति बाजार करीब 700 से लेकर 1000 तक की वसूली की जाती है।
शासन के निर्देश के बावजूद इस वित्तीय वर्ष में हाट-बाजार में बैठकी वसूली की नीलामी पंचायत में नहीं कराई गई, बल्कि अवैध वसूली कमाई का जरिया बन गया है। बताते चलें कि ग्राम पंचायत बमुरी के ग्राम रामपुर मिनी स्टेडियम के सामने करीब 30 से 40 वर्षों से हाट बाजार लगाने की परंपरा सी बन गई है। इस बाजार में आस-पास के करीब एक दर्जन गांवों के लोगों का जमावड़ा लगता है, वहीं बाजार में अमिलिया, हिनौती, लिलवार, बघोर, बाकी सहित करीब आधा दर्जन कस्बा के व्यापारी अपनी दुकानें सजाते हैं। हाट बाजार में दुकान में सजाने वाले व्यापारियों से दुकान की साइज के हिसाब से 5, 10, 15 रुपए ग्राम पंचायत द्वारा बाजार बैठकी वसूली की जाती है। जिसमे एक दिन में 700 से लेकर 1000 तक की वसूली की जा रही है।
इस तरह सप्ताह में 2 दिन बाजार लगता है और इस वित्तीय वर्ष में प्राप्त आय सरपंच सचिव खुद यह रकम डकार जाते हैं, इससे पंचायत मद में लाखों का नुकसान हुआ है।
शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई-
बताया गया कि बाजार बैठकी की ग्राम पंचायत द्वारा नीलामी ना कराए जाने तथा अवैध तरीके से बाजार बैठकी वसूले जाने की ग्रामीणों और व्यापारियों द्वारा कई बार जनपद पंचायत सिहावल के सीईओ के पास शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पाचवां बर्ष बीतने चला, लेकिन नहीं हुई नीलामी-
जानकारों की मानें तो हाट बाजार की वसूली करने का अधिकार पंचायत राज अधिनियम में नहीं है, वसूली के लिए नीलामी करने का प्रावधान है, इससे प्राप्त राशि को ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में खर्च किया जा सकता है। बीते वर्षों में ऐसा किया भी जाता रहा, लेकिन इस वित्तीय वर्ष में नीलामी नहीं कराई गई, पर सरपंच-सचिव की दबंगई के वजह से पांचवा वर्ष समाप्त होने को है, लेकिन बाजार की नीलामी नहीं कराकर, दुकानदारों से वसूली मनमाने ढंग से सरपंच सचिव द्वारा करवाई जा रही है।