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दलित महिला कर्मचारी से प्रताड़ना मामले ने पकड़ा तूल

भाजयुमो नेता पर प्रताडऩा का आरोप, दलित महिला कर्मचारी को सुरक्षा दिलाने के लिए नेता प्रतिपक्ष ने लिखा पत्र

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सीधी

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Suresh Mishra

Aug 01, 2018

Sidhi Dalit woman employee Torture case, Again complaint

Sidhi Dalit woman employee Torture case, Again complaint

सीधी। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य द्वारा दलित महिला कर्मचारी को प्रताडि़त करने का मामला तूल पकडऩे लगा है। मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह को पत्र लिखकर पीडि़ता को सुरक्षा दिलाने की मांग की है। पत्र में कहा गया कि अगर पीडि़ता को सुरक्षा नहीं दी गई तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। आरोपी भाजयुमो नेता यौन शोषण करने का दबाव बना रहा है। परेशान होकर पीडि़ता ने जान देने की बात कही है। इसलिए सुरक्षा की जरूरत है। इससे पहले पीडि़ता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ट्वीट कर न्याय की गुहार भी लगा चुकी है।

ये है मामला
उल्लेखनीय है कि महिला कर्मचारी ममता सूर्यवंशी सहायक अध्यापक के पद पर रहते हुए शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर सेकेंडरी कन्या छात्रावास चुरहट की अधीक्षिका भी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को भेजी गई शिकायत में भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी समिति के सदस्य संजय पांडेय निवासी वार्ड-5 पर शोषण करने, मुकदमे में बयान बदलने के लिए डराने एवं प्रताडि़त करने का आरोप लगाया था। बताया गया कि वह पिछले चार वर्ष से प्रताडऩा सहन कर अब जीवन खत्म करने की स्थिति में आ गई हैं।

बना रहे यौन शोषण का दबाव
आरोप है कि 2015 में जब अधीक्षिका की जिम्मेदारी संभाली तो संजय पांडेय ने 10 हजार रुपए प्रतिमाह की मांग की। न देने पर उसकी शिकायतें शुरू कर दीं। कई जांच हुईं, जिनमें ये आरोप झूठे मिले। उन्हें जाति-सूचक गालियां देकर अपमानित किया। छात्रावास में यौन शोषण का दबाव बनाया। 15 मार्च 2016 को थाने में शिकायत पर चुरहट पुलिस ने सीधी भेजा, एक माह के बाद प्रकरण दर्ज किया।

ये कहा नेता प्रतिपक्ष ने
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह को पत्र लिखकर दलित महिला कर्मचारी ममता सूर्यवंशी को भाजयुमो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संजय पांडेय द्वारा प्रताडि़त किए जाने पर उसे सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। कहा, एससीएसटी सीनियर कन्या छात्रावास की वार्डन ने शिकायत की है, क्योंकि उसे यहां न्याय नहीं मिला। संजय प्रताडि़त कर रहा है। ममता ने परेशान होकर जान देने की बात कही है। सुरक्षा की जरूरत उसे है।

जांच में गलत साबित हो चुकी हैं शिकायत
अधीक्षिका ने आरोप लगाया कि संजय ने छात्रावास के संबंध में कई बार शिकायतें की, लेकिन जांच में सभी निराधार मिलीं। उसने नियुक्ति केे संबंध में भी मुख्यमंत्री ऑनलाइन में शिकायत कर फर्जी जानकारी दी। ममता का आरोप है कि एसडीएम अर्पित वर्मा भी संजय पांडेय से प्रभावित हैं। छात्रावास की समस्याओं को दूर करने एवं प्रशासकीय संरक्षण दिलाने के लिए अनैतिक मांग करते हैं। मुझे जान से मारने की धमकी भी मिल चुकी है।

शिकायत वापस लो नहीं तो सस्पेंड कर देंग
एट्रोसिटी एक्ट के तहत मिलने वाली वाजिब सहायता राशि नहीं दी जा रही। जब इसकी सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की तो दबाव बनाया जा रहा है कि वापस लो नहीं तो सस्पेंड कर देंगे। संजय के दबाव में ही छात्रावास मेें न तो लाइट का काम कराया जा रहा है और न ही टूटे शौचालय बनवाए जा रहे हैं। जबकि एक वर्ष से पत्राचार किया जा रहा है। पीडि़ता ने भाजयुमो नेता संजय को संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

आरोपी की यह सफाई
चुरहट नगर परिषद में चुनाव होने हैं। पुराने मामले को लेकर अचानक शिकायत का दौर शुरू हो गया है। यह चुनावी स्टंट है। प्रधानमंत्री कार्यालय से भी जवाब नहीं आया है।
संजय पांडेय, आरोपी