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मध्यप्रदेश का ये थानेदार शराब-कबाब के लिए आए दिन करता है झगड़ा, यहां पढ़िए वर्दी के रौब की कहानी

एसआई राजपूत और आरक्षक पर घर में घुसकर महिलाओं से अभद्रता करने का आरोप, कोतवाली पुलिस पर फिर लगा रौब दिखाने का आरोप

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सीधी

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Suresh Mishra

Aug 25, 2018

indore crime news

story of sidhi sub inspector Sharab, Shabab Aur Kabab

सीधी। सिटी कोतवाली पुलिस पर फिर महिलाओं से अभद्रता करने का आरोप है। पीड़ित पक्ष ने एसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। इसके पहले भी सीधी पुलिस पर वर्दी का रौब दिखाने के आरोप लग चुके हैं। तब भी एसपी से लिखित की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई, जिससे वह बैखौफ हैं।

कहने लगे आप शराब बेचते हो

आजाद नगर निवासी राजमणि गुप्ता ने एसपी तरुण नायक को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि मेरे घर में 22 अगस्त की शाम बिना सूचना कोतवाली में पदस्थ उपनिरीक्षक आकाश सिंह राजपूत एक अन्य जवान के साथ पहुंचे और अश्लील शब्दों का प्रयोग करते हुए कहने लगे आप शराब बेचते हो।

मैं तुम्हें छोडूंगा नहीं

जल्द से जल्द मुझे शराब दो। उस समय घर में घर में मेरी मां, भाभी व पत्नी थीं। हम दोनों भाई बाहर थे। मां ने कहा हम न तो शराब का व्यापार करते और न ही इस संबंध में कुछ जानते। तब उपनिरीक्षक फ्रीज से पानी की बोतल निकालकर पीने लगे व जाते वक्त पुन: अश्लील शब्दों का प्रयोग करते हुए बोले की आज बच गए, मैं तुम्हें छोडूंगा नहीं।

पूर्व में भी लग चुके आरोप
सिटी कोतवाली में पदस्थ एसआई आकाश सिंह राजपूत पर बर्दी का रौब दिखाने संबंधी यह पहला आरोप नहीं है। इसके पूर्व भी उनके ऊपर आरोप लग चुके हैं। शहर के एक होटल संचालक के द्वारा उपनिरीक्षक को तवा रोटी की जगह तंदूरी रोटी दी गई जिस पर वे भड़क गए और गाली-गलौंज करते हुए होटल का शटर अगले दिन से न खुलने की धमकी दे बैठे। एसआई की धमकी से भयभीत होटल संचालक के द्वारा पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। पीडि़त मधुरम होटल संचालक सत्य प्रकाश जायसवाल पिता संतोष प्रसाद जायसवाल के द्वारा एसपी से शिकायत की गई थी।

तंदूरी रोटी के लिए धमकी
कोतवाली में पदस्थ उपनिरीक्षक आकाश सिंह राजपूत एसके होटल मे रूके थे। जहां मुझे एक थाली भोजन पार्सल करने को फोन से कहा गया, वहीं भोजन को लेने के लिए एसके होटल के एक कर्मचारी को भेजा गया। उसके बाद दूरभाष पर फोन लगाकर कहा गया कि तुम जानते हो कि मै तंदूरी रोटी नहीं खाता तो तवा रोटी क्यों नहीं दिए। इसके साथ ही अश्लील गाली-गलौंज करते हुए अगले दिन से होटल न खोलने की धमकी दी गई। जिससे आहत होटल संचालक सत्यप्रकाश जायसवाल के द्वारा पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर दवंगई दिखाने वाले उपनिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

ऑटो चालक से भी की थी मारपीट
गत 25 जुलाई को आटो चालक मनीष यादव पिता दद्दी यादव व रंजीत साहू पिता रामपति साहू के द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर उपनिरीक्षक आकाश सिंह राजपूत पर कार्रवाई की मांग की गई थी, शिकायत में बताया गया था कि बताया गया कि उपनिरीक्षक आकाश सिंह राजपूत वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। चेंकिंग के लिए ऑटो रुकाया, जिस पर उन्हें संपूर्ण दस्तावेज दिया, सब ठीक रहा तब बैच-बिल्ला न लगाने की बात को लेकर गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। जबकि बैच-बिल्ला पुलिस ने जारी ही नहीं किए हैं। आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

दबंगई को लेकर हो हो चुका है लाइन अटैच
उपनिरीक्षक आकाश सिंह राजपूत दबंगई को लेकर पहले भी सुर्खियों में रहे हैं। सिहावल चौकी प्रभारी रहते हुए उन्होंने एक बंगाली चिकित्सक को फर्जी मामले में जमकर पीटा। मारपीट में उसके पैर की हड्डी टूट गई थी। जिसकी शिकायत पीडि़त ने पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से की थी। इसके बाद सिहावल चौकी अंतर्गत बघोर निवासी एक युवक से महज इस कारण मारपीट की थी कि वह रात के अंधेरे में टार्च जला दिया। मारपीट में उसके कमर की हड्डी टूट गई थी। जिसकी भी शिकायत एसपी से की गई थी। जिस पर एसपी ने सिहावल चौकी प्रभारी आकाश सिंह राजपूत को लाइन अटैच कर दिया था। बाद में उन्हें कोतवाली में पदस्थ किया गया, जहां फिर वे दबंगई की राह पर चल पड़े हैं।