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ये कैसा हर्बल गार्डन! सूख गए औषधीय पौधे, बचे केवल गमले

औषधीय पौधे लगाने के बाद पोषित करना भूल गए जिम्मेदार सीधी. जिला अस्पताल परिसर में बनाया गया हर्बल गार्डन सिर्फ नाम का ही रह गया है। यहां गमलों में लगाए गए विभिन्न प्रजाति के औषधीय पौधे सूख गए हैं, केवल पौधों की नाम पट्टिका और गमले ही बचे हैं। जबकि, हर्बल गार्डन में हमेशा ताला […]

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ये कैसा हर्बल गार्डन! सूख गए औषधीय पौधे, बचे केवल गमले

ये कैसा हर्बल गार्डन! सूख गए औषधीय पौधे, बचे केवल गमले

औषधीय पौधे लगाने के बाद पोषित करना भूल गए जिम्मेदार

सीधी. जिला अस्पताल परिसर में बनाया गया हर्बल गार्डन सिर्फ नाम का ही रह गया है। यहां गमलों में लगाए गए विभिन्न प्रजाति के औषधीय पौधे सूख गए हैं, केवल पौधों की नाम पट्टिका और गमले ही बचे हैं। जबकि, हर्बल गार्डन में हमेशा ताला बंद रहता है।
जिला अस्पताल के हर्बल गार्डन का हाल
ज्ञात हो कि हर्बल गार्डन का उद्देश्य लोगों को औषधीय पौधों का महत्व बताने के साथ ही घरों में लगाने के लिए प्रेरित करना है। इसके लिए शासन ने सभी अस्पतालों में हर्बल गार्डन बनाने के निर्देश दिए हैं। बीते वर्ष जिला अस्पताल में गमले रखकर औषधीय पौधे लगाकर हर्बल गार्डन बनाया गया था। लेकिन, हर्बल रोपित पौधों की सुरक्षा करना जिम्मेदार भूल गए।
ये पौधे लगाए गए थे
हर्बल गार्डन में शमी, मीठी नीम, आंवला, अनार, गुड़हल, अजवायन, हड•ाोड़, नीम, सदाबहार, एलोवेरा सहित कई अन्य प्रजाति के औषधीय पौधे लगाए गए थे, जो देखरेख के अभाव में सूख गए हैं।
हर्बल गार्डन को हरा-भरा किया जाएगा
औषधीय पौधों की ङ्क्षसचाई बीच-बीच में कराई जाती थी, लेकिन वह सूख गए हैं। शायद जो मिट्टी थी उसमें सर्वाइव नहीं कर पाए। पुन: नए पौधे रोपित कर हर्बल गार्डन को हरा भरा किया जाएगा।
डॉ.दीपारानी इसरानी, सिविल सर्जन