
शादी के 4 साल बाद फिर एक दूसरे के हुए पति-पत्नी, इस तरह हुई दोनों की मुलाकात
सीकर।
बॉलीवुड फिल्म ‘आप तो ऐसे ना थे’ का यह गीत तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है.. जहां भी जाऊ तो ये लगता है तेरी महफिल है... जिले के दो दंपती पर खूब बैठता है। शनिवार को लोक अदालत की समझाइस के बाद दो दंपती का घर बिखरने से बच गया। अदालत के दखल से दोनों दंपती फिर से एक बार साथ रहने को राजी हो गए।दरअसल, लोक अदालत में 2015 से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच में समझौता कराया गया। विनिता बनाम सुशान्त पारीक के मध्य आपसी मतभेद के कारण 2015 से अलग रह रहे थे। दोनों के बीच समझाइश कर राजीनामा कराया गया। इस दौरान 11 दम्पतियों के मध्य बैंच ने आपसी समझाइश कर विवादों का निपटारा कर राजीनामा करवाया गया।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर लोक अदालत का आयोजन किया गया। रींगस, नीमकाथाना, दांतारामगढ़, श्रीमाधोपुर, फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़ तथा सीकर न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। 25 बैंचों का गठन कर आपराधिक, सिविल, पारिवारिक, बैंकों के ऋण सहित कई मामलों को लेकर सुनवाई की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव जगतसिंह पंवार ने बताया कि न्यायालयों में लम्बित 6231 प्रकरणों से 1964 प्रकरणों का निस्तारण किया। इनसे 1,10,64,958 रुपए का अवार्ड पारित किए। मोटर दुर्घटना विवाद अधिकरण में कुल 400 मामलों में से 106 मामलों का निस्तारण किया। इनमें से 3,71,65,340 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। उन्होंने बताया कि पारिवारिक न्यायालय में कुल 67 प्रकरणों का निपटारा किया गया। जिसमें 6 लाख 56 हजार के अवार्ड पारित किए गए।
प्री-लिटिगेशन बैंच पर कुल 2223 मामलों में से 141 का निस्तारण किया गया। जिसमें कुल 89,17,286 रुपए के अवार्ड पारित किए। बुजुर्ग दंपती के फाइनेंस का भी एक मामला आया। जिसमें बुजुर्ग दंपती पर लगभग 25,000 का लोन था। लोक अदालत बैंच के सदस्यों ने 7,000 रुपए में समझौता करवाया। एक मामले में बुजुर्ग पर 8 लाख 50 हजार रुपए का लोन था। बैंच ने उनका निपटारा 4,500 रुपए में किया।
Published on:
16 Dec 2019 06:17 pm
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