
toll
पलसाना.
राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित अखैपुरा टोल बूथ पर ग्रामीणों की ओर से स्थानीय वाहनों को टोल में छूट दिए जाने की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से दिया जा रहा धरना रविवार शाम को टोल संचालकों और ग्रामीणों के बीच हुए समझौते के बाद समाप्त हो गया। टोल संचालक स्थानीय वाहन चालकों को पास जारी करेंगे। इसके बाद वो पहले की तरह ही टोल मुक्त यात्रा कर सकेंगे। इससे पहले रविवार सुबह चौथे दिन भी ग्रामीण टोल के पास ही धरना पर बैठे रहे और सीकर की ओर से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से होकर निकलने का आग्रह करते रहे। इससे सीकर की ओर से आने वाले 90 प्रतिशत तक वाहन बिना टोल चुकाए ही वैकल्पिक मार्ग से गुजरने लगे। ऐसे में खाटूश्यामजी मेले का अतिरिक्त यातायात होने के बावजूद भी टोल बूथ की लाइने सूनी पड़ी रही और वाहन बिना टोल दिए ही वैकल्पिक मार्ग से गुजरते रहे, जिससे टोल संचालकों को ग्रामीणों की मांगों के आगे झुकना पड़ा और दोपहर बाद एक बार फिर से वार्ता के लिए राजी हुए।
धरने पर बैठे लोगों को वार्ता के लिए बुलाकर शाम चार बजे के करीब ग्रामीणों की मांगों पर स्थानीय वाहनों को पहले की तरह ही पास जारी कर टोल में छूट दिए जाने की मांग पर राजी हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने वैकल्पिक मार्ग को बंद कर टोल से होकर ही यातायात शुरू कर दिया। ग्रामीणों और टोल संचालकों के बीच हुए समझौते में अब मंगलवार से टोल संचालक स्थानीय वाहन चालकों को गाड़ी की आरसी एवं आईडी देखकर पास जारी करेंगे। इसके बाद जिनको पास जारी होंगे वो पास दिखाकर टोल मुक्त यात्रा कर सकेंगे। ग्रामीणों की मांगों को लेकर समझौता होने के बाद ग्रामीणों ने टोल बूथ के पास नारेबाजी कर खुशी जताई। इस दौरान धरने पर रामदेवसिंह खोखर, भगवान सहाय जाखड़, सुरेन्द्र फुलवारिया, महेन्द्र लिढ़ाण, गणेशराम, बजरंगलाल फरडोलिया, हरिकिशन खीचड़, गोपाल बाजिया, सरेन्द्र बिजारनियां सहित कई लोग मौजूद थे।
Updated on:
18 Mar 2019 05:48 pm
Published on:
18 Mar 2019 03:42 pm
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