
सरकारी विद्यालयों में पढ़कर उच्च पदों पर पहुंची बेटियां अब राज्य के सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की रोल मॉडल बनेंगी। इसके लिए अप्रेल से अभियान चलाया जाएगा। सीकर जिले में अब ऐसी दस बेटियों का चयन कर लिया गया है। इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले के सभी 786 राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए अब ऊंचे पदों पर पहुंची बेटियों को रोल मॉडल बनाया जाएगा। इसके लिए विशेष पोस्टर तैयार किए जाएंगे। पोस्टर में एक तरफ पूरे विश्व में देश का नाम ऊंचा करने वाली बेटियों की फोटो होगी तो दूसरी तरफ सीकर जिले की बेटियां। जिन बेटियों का चयन किया गया है वे भी खुद सरकारी विद्यालयों में पढ़कर ऊंचे पदों पर पहुंची है। इनके पोस्टरों के विमोचन में भी इनको बुलाने की तैयारी है। ये सरकारी स्कूलों का महत्व व विशेषता भी बताएंगी। हर सरकारी विद्यालय में इनके दस-दस पोस्टर लगाए जाएंगे।
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यह भी रोल मॉडल
सेवा की ढाणी खण्डेला निवासी कमला पुत्री जगदीश प्रसाद, ढाणी मालीयान हनुमान नगर खण्डेला निवासी पिंकी सैनी पुत्री फूलचंद सैनी, गांव झूंपा तहसील खण्डेला निवासी बसन्ती बगडिय़ा, गांव सेवा की ढाणी खण्डेला निवासी संतोष पुत्री जगदीश तथा दांतारामगढ़ के गांव राजनपुरा निवासी गीता बगडिया पुत्री चंद्राराम बगडिय़ा को भी रोल मॉडल बनाया गया है। इनके अलावा एक भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी व एक भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी को रोल मॉडल बनाने के भी प्रयास जारी हैं। दोनों भी सरकारी स्कूल में पढ़ी हुई हैं।
नीमकाथाना के जाटवास हसामपुर की रहने वाली साक्षी चौधरी पुत्री रामनिवास ने टेबल टेनिस प्रतियोगिता में चार बार प्रतिनिधित्व किया। जाटवास के सरकारी स्कूल में पढ़ी साक्षी का चयन राजस्थान न्यायिक सेवा में हुआ है।
गांव चौमूं पुरोहितान की सरोज पुत्री नानूराम पीपलोदा साउथ ऐशियन महिला वॉलीबॉल (सेफ खेल) में चैम्पियन रह चुकी हैं। चार बार भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। अभी बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की ब्रांड एम्बसेडर हैं।
राजकीय उत्कृष्ट उच्च प्राथमिक विद्यालय छीलावाली श्रीमाधोपुर की छात्रा राष्ट्रीय स्तर की खोखो प्रतियोगिता के लिए राजस्थान की कप्तान रह चुकी हैं। 64 वीं राष्ट्रीय खोखो प्रतियोगिता में राजस्थान की कमान संभाली।
दांतारामगढ़ तहसीली के गांव चारणवास तुलीका निवासी संतरा चौधरी पुत्री कानाराम ने पूरी पढ़ाई सरकारी विद्यालयों में की। कड़ी मेहनत के बल पर वह आरएएस परीक्षा 2013 में ओबीसी महिला वर्ग में 14 वीं तथा सामान्य वर्ग में 219 वीं रेंक हांसिल की।
खण्डेला तहसील के गांव झूंपा निवासी अनिता कुमारी बगडिय़ा पुत्री मदनलाल बगडिय़ा की प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी विद्यालय में हुई। अनेक पेरशानियों के बावजूद अब वह अजमेर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रही है।
Published on:
25 Mar 2017 10:33 am
