
VIDEO: श्रीराम कथा में सती के चरित्र का वर्णन
ीमकाथाना/श्रीमाधोपुर. कस्बे के पोलादास हनुमान मंदिर चल रही श्रीराम कथा के दूसरे दिन सती चरित्र की कथा सुनाई। कथावाचक वृंदावन के संत प्रयाग दास महाराज ने शिव चरित्र का सुन्दर वर्णन किया। महाराज ने मां पार्वती के जन्म, कामदेव के भस्म होने और भगवान शिव द्वारा विवाह के लिए सहमत होने की कथा सुनाई। उन्होंने कहा, दक्ष प्रजापति के महायज्ञ में भगवान शिव के अपमान से सीख मिलती है कि किसी का अपमान नहीं करना चाहिए। इससे आयोजन का फल नहीं मिलेगा। बगैर आमंत्रण शिव के मना करने के बावजूद सती का पिता के घर जाने, पति का अपमान देख योगाग्नि में स्वयं को भस्म करने के प्रसंग पर श्रोता भाव विभोर हो गए। सती के अग्नि में भस्म होने के बाद तीनों लोकों को भगवान शिव का कोपभाजन बनना पड़ा। शिव व पार्वती के विवाह का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा विवाह भूतकाल व भविष्य में देखने को नहीं मिलेगा। शिव विवाह के गाये भजनों पर महिला भक्त झूमने लगी। उन्होंने श्रीराम कथा को प्रसाद बताते हुए कहा कि प्रसाद शब्द में प्र का अर्थ प्रभु, सा का अर्थ साक्षात और द का अर्थ दर्शन है अर्थात प्रसाद का आशय प्रभु का साक्षात दर्शन है।
Published on:
31 Aug 2023 11:07 am
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