
राजस्थान में किसान खुद के ब्रांड नाम से बेचेंगे जैविक उत्पाद
जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने नाबार्ड के सहयोग से नई कवायद शुरू की है। कवायद के तहत जिले के सैंकड़ों किसान आगामी वर्षों में खुद के ब्रांड के नाम से जैविक गेहूं-बाजरा या अन्य फसलें बेच सकेंगे। सामान्य गेहूं-बाजरा से करीब तीन गुना अधिक भाव मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। इसके लिए कृषि विभाग ने परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत किसानों से वृहद स्तर पर जैविक खेती करवाने का काम हाथ में लिया है। सब कुछ ठीक रहा तो करीब दस हजार हैक्टेयर में जैविक गेहूं, बाजरा, चना, सरसों या अन्य फसलों की खेती करवाई जाएगी।
मिलेगा अनुदान
योजना के तहत जैविक खेती अपनाने वाले किसानों को विभाग की ओर से जैविक खाद व बीज निशुल्क मुहैया करवाए जाएंगे। किसान को अपने खेत में वर्मी कम्पोस्ट यूनिट तैयार करनी होगी। इसके लिए विभाग की ओर से अनुदान देय होगा। वर्मी कम्पोस्ट के लिए केंचुएं अनुदान पर दिलाए जाएंगे। कलस्टर के चारों तरफ एक-डेढ़ फीट ऊंची दीवार बनाकर बफर जोन बनाना होगा। इसके लिए योजनावार हैक्टेयर अनुदान देय होगा। इसके अलावा विभाग की ओर से किसान को जैविक खेती करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की गई इस योजना की सफलता के बाद अब इसे वृहद स्तर पर अपनाया जा रहा है। कृषि अधिकारियों के मुताबिक योजना के तहत जिले में कलस्टर बनाकर किसानों से फसलों की जैविक खेती करवाई जाएगी। तीन साल तक कृषि विभाग की निगरानी में जैविक खेती करने के बाद विभाग किसान को जैविक उत्पाद तैयार करने का सर्टिफिकेट देगा। इसके बाद किसान अपनी फसल का ब्रांड बनाकर बाजार में बेच सकेगा। रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं होने से जैविक फसलें बाजार में सामान्य से तीन गुना से अधिक भाव पर बेची जा सकेगी।
हर साल होगी मिट्टी की जांच
जैविक खेती के दौरान तीन साल तक प्रति वर्ष कलस्टर की मिट्टी व पौधों की जांच की जाएगी। इससे जैविक खेती शुरू करने से पहले डाले गए रासायनिक उर्वरकों की मात्रा में आने वाली गिरावट का स्तर पता चलेगा। किसी भी मिट्टी में रासायनिक उर्वरक का असर तीन साल तक रहता है।
इनका कहना है
जिले के किसानों में जैविक खेती के प्रति रूझान बढ़ रहा है। योजना के तहत इस बार कलस्टर तैयार कर किसानों से खेती करवाई जा रही है।
हरदेव सिंह बाजिया, उपनिदेशक कृषि
Published on:
17 Dec 2022 06:11 pm

बड़ी खबरें
View Allसीकर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
