
संयुक्त संचालक के जाते ही बंद हो गई लैब
ग्रामीण डाक सेवक भर्ती में कक्षा दसवीं की जाली अंकतालिकाओं के जरिए नौकरी हासिल करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब सीकर जिले में भी चार अभ्यर्थियों के कक्षा दसवीं की अंकतालिका जाली होने पर सीकर कोतवाली पुलिस में मामला दर्ज हुआ है। चारों अभ्यर्थियों ने दस्तावेजों के साथ उत्तरप्रदेश के एक बोर्ड की कक्षा दसवीं की अंकतालिका लगाई थी। इस संबंध में सीकर के डाकघर अधीक्षक आलोक कुमार ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले भी डाक विभाग की इस भर्ती में 20 से अधिक जाली अंकतालिका प्रदेशभर में सामने आ चुकी है।
पिछले साल हुई थी भर्ती
विभाग की ओर से 6 अप्रेल 2022 को 66 ग्रामीण डाक सेवकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया। इसमें अभ्यर्थियों का चयन कक्षा दसवीं के अंकों के आधार पर होना था। इस भर्ती का परिणाम 21 जून 2022 को जारी कर दिया। इसमें हरियाणा निवासी संदीप कुमार, हरियाणा निवासी मनीष कुमार, सोनीपत निवासी सुमित कुमार और हनुमानगढ़ निवासी प्रीतम का चयन हुआ। चारों के मूल दस्तावेज लेकर नौकरी के लिए तीन दिन का प्रशिक्षण दिलाया गया और कार्यग्रहण करवा दिया। चारों की मार्कशीट को सत्यापन के लिए जब उत्तर प्रदेश बोर्ड भेजा गया तो वहां से जवाब मिला कि मार्कशीट एकदम ठीक है।
ऐसे पकड़ में आया फर्जीवाड़ा
डाक विभाग की ओर से उत्तरप्रदेश बोर्ड से सत्यापन कराया तो रिपोर्ट सही मिली लेकिन अंकतालिका कई वजह से संदेह के घेरे में रही। इसके बाद डाक विभाग के उच्च अधिकारियों को बताया तो दोबारा मार्कशीट को सत्यापन के लिए उत्तरप्रदेश के माध्यमिक शिक्षा क्षेत्रीय कार्यालय भिजवाया गया। जहां से पता चला कि चारों मार्कशीट वहां से अप्रूव्ड नही है।
Published on:
27 Jan 2023 12:37 pm

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