
सीकर. राजस्थान में बेटियां उच्च शिक्षा में बदलाव की नई इबारत लिख रही है। कॉलेज आयुक्तालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 में 5 लाख 86 हजार 472 छात्रों के मुकाबले कॉलेज शिक्षा में 7 लाख 24 हजार 770 छात्राओं ने प्रवेश लिया था। यानी 100 छात्रों पर 124 छात्राओं ने उच्च शिक्षा प्राप्त की है। बड़ी बात ये भी है कि प्रदेश के 41 जिलों में से 34 जिलों में बेटियों का नामांकन बेटों से ज्यादा रहा। ऐसे में साफ है कि 'म्हारी छोरियां छोरों से कम है' की जगह प्रदेश म्हारी छोरियां छोरों से आगे है' की नजीर बन गया है।
प्रदेश में छात्राएं आर्ट्स,साइंस व डिप्लोमा कोर्स में छात्रों से आगे रही है। आर्ट्स में छात्रों की संख्या 292687 तो छात्रों की संख्या 543326 रही। इसी तरह साइंस में 131199 छात्रों की तुलना में 135958 तथा डिप्लोमा में 2328 छात्रों के मुकाबले 2629 छात्राओं ने प्रवेश लिया। केवल कॉमर्स विषय में ही 30385 छात्राओं के सामने 36236 व विधि में 12472 छात्राओं की तुलना में 24022 नामांकन सहित छात्र प्रवेश में आगे रहे।
प्रदेश उच्च शिक्षा की तस्वीर 20 साल में पूरी तरह पलट गई है। सत्र 2005-06 में छात्राओं की संख्या 100 छात्रों के मुकाबले महज 63 ही थी। 2016-17 में पहली बार छात्र व छात्राओं का अनुपात बराबर आया। इसके बाद से छात्राओं का आंकड़ा लगातार बढ़ता हुआ 124 तक पहुंच गया।
प्रदेश के 41 जिलों में से छात्राएं 34 जिलों में सामान्य शिक्षा के नामांकन में आगे रही है। केवल बाड़मेर, डीडवाना— कुचामन, जैसलमेर, जालौर, नागौर, फलौदी व टोंक जिले में ही छात्राओं का नामांकन छात्रों से कम रहा।
छात्राओं के सबसे ज्यादा प्रवेश के मामले में जयपुर व सीकर प्रदेश में अव्वल रहे हैं। जयपुर में 275 कॉलेज में 95 हजार 473 व सीकर की 161 कॉलेज में 59हजार 300 छात्राओं ने अध्ययन किया।
सत्र नामांकन
2016-17 100
2017-18 106
2018-19 108
2019-20 111
2020-21 105
2021-22 107
2022-23 111
2023-24 120
2024-25 124
उच्च शिक्षा में बेटियों के बढ़ते कदम की वजह समाज में बेटा— बेटी एक समान की बढ़ती सोच के साथ सरकारी योजनाओं को माना जा रहा है। ट्रांसपोर्ट वाउचर, स्कूटी व छात्रवृति संबंधी विभिन्न योजनाएं इसमें अहम योगदान निभा रही है।
Published on:
18 Apr 2025 12:43 pm

बड़ी खबरें
View Allसीकर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
