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सीकर। राज्य सरकार राज्य में बाल विवाह को रोकने के लिए कई कदम उठा रही है। जिसका असर ज़मीनी स्तर पर हुआ, बाल विवाह के मामले कम हुए हैं लेकिन इसकी दर बहुत कम है। आज भी समाज में बाल विवाह हो रहा है, जिसे लेकर प्रशासन ने एक और अहम कदम उठाया है। राजस्थान के सीकर जिले में बाल विवाह पर रोकथाम के लिए गुरुवार को एडीएम शहर हेमराज परिडवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई।
इसमें एडीएम ने संबंधित विभागों को प्रिंटिंग प्रेस, टेंट, कैटरिंग, धर्मगुरु आदि से तालमेल रखते हुए बाल विवाह रोकथाम के लिए प्रभावी रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शादी के निमंत्रण कार्ड पर दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि छापना भी प्रिंटिंग प्रेस के लिए अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने ब्लॉक लेवल पर भी उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग से भी ड्रॉप आउट बच्चों की सूची तैयार कर उनका बाल विवाह नहीं होने का ध्यान रखने की बात कही। बैठक में बाल विवाह रोकथाम जागरूकता संबंधित पोस्टर का विमोचन किया गया।
दरअसल, बाल विवाह जैसी समस्याओं को रोकने के लिए प्रशासन और आम लोगों के साथ मिलकर सुधार की गति को तेज किया जा सकता है। और इसके लिए राज्य द्वारा टोल फ्री नंबर 1098 भी जारी किया गया है जहां आम नागरिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। चाइल्ड लाइन 1098 के परियोजना समन्वयक राहुल दानोदिया ने बताया कि जिला प्रशासन ने पिछले 4 माह में 19 बच्चों का बाल विवाह रुकवाया है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के संबंध में सूचना देने के लिए 1098 चाइल्ड लाइन 24 घंटे कार्यरत है। प्रशासन व आम लोगों के प्रयास से इसे रोका जा सकता है।
Published on:
29 Mar 2024 07:40 pm
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