29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रामनवमी पर पहली बार गुपचुप तरीके से हुआ ये काम, दिनभर होती रही सिर्फ इसी का चर्चा

रामनवमी की शोभायात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी बैठकों में उलझे रहे. शनिवार रात गुपचुप तरीके से इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगा द

2 min read
Google source verification
ram navami julus sikar

सीकर. रामनवमी की शोभायात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी दो दिन तक बैठकों में उलझे रहे, लेकिन शनिवार देर रात गुपचुप तरीके से इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगा दी। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। हालांकि प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।


See More Photo Here

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले मैसेज को लेकर माहौल खराब होने की स्थिति सामने आई थी। इसके बाद अधिकारियों ने आनन-फानन में पाबंदी का पत्र जारी किया गया। रविवार रात लगभग साढ़े बारह बजे बाद जिलेभर में इंटरनेट सेवा बहाल हो सकी।

2017 में 7 बार इंटरनेट बंद
इस साल पहली बार रामनवमी पर इंटरनेट बंद हुआ जबकि वर्ष 2017 में विभिन्न कारणों से जिला मुख्यालय व अन्य कस्बों में सात बार इंटरनेट सेवा बंद रही।

सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी शनिवार सुबह तक इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगाने के मूड में नहीं थे। लेकिन भीड़ की संभावना और माहौल को देखते हुए जिला कलक्टर ने यह निर्णय लिया।

जिला प्रशासन के इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगाने के निर्णय को लेकर सवाल भी खड़े होने लगे है। ऐसे में लोगों का कहना है कि वर्षभर शहर में विभिन्न धार्मिक व सामाजिक आयोजन होते है। फिर क्या प्रशासन हर आयोजन में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह का निर्णय लेगा।


फोन करके पूछते रहे

सीकर में अचाकन इंटरनेट सेवाएं बंद होने से माजरा लोगों के समझ में नहीं आया। पहले तो वे अपने मोबाइल में ही कोई तकनीकी खामी आ जाना मान लिया, मगर काफी टाइम बाद भी इंटरनेट नहीं चला तो लोगों ने एक-दूसरे को फोन करके इंटरनेट बंद होने की वजह का पता लगाते रहे। लोगों में आशंका रही कि जिले में कहीं कोई बड़ी घटना तो नहीं हो गई, जिसके चलते इंटरनेट बंद किया गया, मगर बाद में पता चला कि रामनवमी के चलते प्रशासन ने यह कदम उठाया है तो लोगों ने राहत की सांस ली।

Story Loader