
VIDEO: जयपुर के ज्वेलर को लूटना था, लूट लिया काछवा का व्यापारी
सीकर जिले के नेछवा थाना इलाके के काछवा गांव में पिछले रविवार को दिनदहाड़े पिस्टल के बल पर सर्राफा व्यापारी से साढ़े तीन लाख नकदी व 242 ग्राम सोने के आभूषण लूट का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया। मामले में एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया तथा दो नाबालिग होने के कारण उन्हें निरुद्ध कर बाल सम्प्रेषण गृह भेज दिया गया। थानाधिकारी रामकिशन यादव ने बताया कि साईबर सेल टीम की मदद व फोटो के सहारे पिछा करते हुए पुलिस ने तीनों को दिल्ली में साउथ एक्सटेंशन-।। के पार्क से पकड़ा। तीनों के पास से लूटे गए रुपए में से तीन लाख तीन हजार रुपए व सोने के आभूषण बरामद किए गए। बाकी रुपए तीनों ने खर्च कर लिए। पुलिस ने आरोपी जोबनेर थाना इलाके के हरिपुरा गांव निवासी संदीप धानका (20) को बापर्दा गिरफ्तार कर लिया है तथा उसके पास से काम में ली गई पिस्टल भी बरामद कर ली । जांच में सामने आया है कि नेछवा इलाके के एक गांव निवासी नाबालिग व गिरफ्तार संदीप धानका लंबे समय से दोस्त हंै। दोनों की दोस्ती फेसबुक पर हुई। दोनों ने बड़ा हाथ मारने के लिए जयपुर के मानसरोवर में मोहन ज्वेलर्स को लूटने का प्लॉन बनाया था, लेकिन एक ही हथियार होने व भीड़-भाड़ वाला इलाका होने के कारण प्लान बदल दिया। फिर तय किया कि पहले छोटी जगह हाथ मारकर संसाधन जुटाएंगे उसके बाद ये काम करेंगे। बाद में नाबालिग के बताए अनुसार काछवा के ज्वेलर राजकुमार सोनी की दुकान तय की गई, लेकिन यहां भागने के लिए वाहन की समस्या हुई तो नाबालिग ने धोद इलाके के अपने बुआ के बेटे को बाइक लेकर बुलाया और मौका पाकर घटना को अंजाम दे दिया।
कच्चे रास्तों से हुए पार
आरोपी संदीप धानका व नेछवा इलाके का नाबालिग ने भागने का पूरा प्लान बनाया। दोनों दुकान में घुसे और पिस्टल दिखाकर लूट की। दोनों का इंतजार कर रहे दूसरे नाबालिग की बाइक पर बैठकर तीनों कच्चे रास्तों से होते हुए लोसल पहुंचे। तीनों को भागते गांव के युवकों ने देख लिया तो उनके घटना में शामिल होने की जानकारी पुलिस को लग गई। पुलिस ने साइबर सेल की टीम व नाबालिगों कीे फोटो के आधार पर जांच शुरू की।
बस से जयपुर पहुंचे
लोसल से तीनों बस से जयपुर पहुंचे। जयपुर में रातभर रुकने के बाद दिल्ली के लिए निकल गए। एक बार सोना बेचने की फिराक में तीनों दिल्ली से फिर जयपुर आए, लेकिन सौदा नहीं हुआ। लगातार पीछा कर रही पुलिस की टीमों को तीनों दिल्ली के एक पार्क में ट्रेन का इंतजार करते मिल गए। पता चला है कि तीनों नेपाल भागने की फिराक में थे। इनकी दिल्ली में मदद यूपी का रूद्र सिंह नाम का युवक कर रहा था। संदीप व नाबालिग पहले भी रूद्र से मिले थे। यूपी में रूद्र के साथ संदीप आम्र्स एक्ट में पकड़ा भी जा चुका है। नाबालिग भी पांच माह पहले नेछवा थाने में पिस्टल के साथ पकड़ा गया था। पंजाब में भी बस में सवार दोनों को पुलिस ने पिस्टल के साथ पकड़ा था लेकिन वहां भी जैसे तैसे बच गए थे।
रात दिन किए एक
घटना के बाद अपनी साख बचाने के लिए पुलिस ने भी दौड़भाग की। तीनों बदमाशों ने वारदात के बाद केवल व्हाटसअप कॉल का सहारा लिया, जिसके कारण पुलिस को लोकेशन नहीं मिल पाई। पुलिस ने फोटो दिखाकर ही पहचान करते हुए पीछा किया। कई बार तीनों ने बसें बदलकर भी पुलिस को चकमा दिया। इस मामले में थानाधिकारी रामकिशन यादव, हैड कांस्टेबल लालचंद, कांस्टेबल मुकेश कुमार व मदनलाल ने मुख्य भूमिका निभाकर आरोपियों को पकड़ा।
Published on:
29 Oct 2023 07:59 pm

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