
ग्रामीण महिला महाविद्यालय में कुलिश जी युवाओं के लिए प्रेरक व्यक्तित्व विषयक व्याख्यान को संबोधित करते पूर्व कुलपति शेखावत व मंचस्थ अतिथि (फोटो: पत्रिका)
पत्रिका समूह के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश के जन्म शताब्दी वर्ष के तहत शिक्षानगरी सीकर में शुक्रवार को व्याख्यान का आयोजन हुआ। यहां नवलगढ़ रोड स्थित ग्रामीण महिला महाविद्यालय में 'कुलिश जी युवाओं के लिए प्रेरक व्यक्तित्व' विषयक व्याख्यान को मुख्य वक्ता के तौर पर जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के पूर्व कुलपति डॉ. लोकेश शेखावत ने संबोधित किया।
डॉ. शेखावत ने कहा कि राजस्थान पत्रिका के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश ने निष्पक्ष पत्रकारिता के दम पर लोकतंत्र को मजबूत करने का काम किया।
उन्होंने कुलिश जी की निष्पक्षता का उदाहरण देते हुए कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत से उनके घनिष्ठ संबंध थे, लेकिन उन्होंने कभी भी इन संबंधों को पत्रकारिता में आड़े नहीं आने दिया। जब भी सरकार जनहित के मुद्दे से थोड़ा भी भटकती तो वह सरकार को जगाने के लिए अपनी लेखनी चलाने से नहीं चूकते थे। उन्होंने कहा कि कुलिश जी ने कुछ दोस्तों की मदद से महज 500 रुपए एकत्रित कर पत्रिका की शुरुआत की।
आज पत्रिका के वटवृक्ष बनने की यात्रा में सबसे बड़ी ताकत पाठकों की है, उन्होंने कई संस्मरणों के जरिए बताया कि कर्पूर चन्द्र कुलिश पाठकों व कर्मचारियों से सीधा संबंध रखते थे। इससे पहले ग्रामीण महिला शिक्षण संस्थान के कोषाध्यक्ष रामनिवास मील, सह सचिव प्रभुदयाल ओला, महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. सुभाग जाखड़, एडीईओ उम्मेद सिंह, विद्यालय प्राचार्या डॉ सुशीला पूनिया, प्राचार्य सुरेन्द्र सिंह सुण्डा आदि ने मां शारदा की प्रतिमा व कर्पूर चन्द्र कुलिश के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
अंत में राजस्थान पत्रिका के सीकर संस्करण के संपादकीय प्रभारी रुद्रेश शर्मा ने आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संगीता गर्वा ने किया। संस्थान अध्यक्ष झाबरमल, उपाध्यक्ष बालवीर सिंह सारण, सचिव बीरबल सिंह ढाका, कार्यकारिणी सदस्य विद्याधर पिलानिया व छात्रावास चीफ वार्डन ममता ने पत्रिका की पहल को सराहा।
डॉ. शेखावत ने कहा कि शेखावाटी की माटी में ही ताकत है। उन्होंने कहा कि खेल, शिक्षा, उद्योग, सेना आदि क्षेत्रों में यहां के युवाओं ने अपनी मेहनत के दम पर पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि यहां के युवाओं की सफलता की गूंज अब विदेशों तक खनक रही है।
व्याख्यान में एडीईओ उम्मेद सिंह ने कहा कि आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने की वजह से पत्रिका जन-जन की मजबूत आवाज है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सरोकार राजस्थान पत्रिका की बड़ी ताकत है। उन्होंने महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण शिक्षण संस्थान की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शेखावाटी की महिलाओं ने शिक्षा के दम पर अपनी अलग पहचान बनाने का काम किया है।
युवाओं को सीखः असफलता से भागे नहीं, चुनौतियों से लड़ना सीखें
व्याख्यान में डॉ शेखावत ने कहा कि असफलता से हारकर भागना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों से जो जूझेगा उन युवाओं की सफलता को कोई नहीं रोक सकता। आत्मविश्वास के दम पर किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है।
वर्तमान स्थितियों का जिक्र करते डॉ. शेखावत ने कहा कि जो काम विज्ञान अब तकनीक से कर रहा है, वह तो हमारी सनातन और वैदिक संस्कृति में हजारों साल से करती आई है। इसी दिशा में वेदों को संरक्षण करने का काम कुलिश जी ने बेहतर तरीके से किया। अब पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ. गुलाब कोठारी ने वेदों को जनमानस तक ले जाने के मिशन में जुटे हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय प्राचार्या डॉ सुभाग जाखड़ ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि जनसमस्या उठाने से लेकर सामाजिक सरोकारों में पत्रिका का कोई सानी नहीं है। उन्होंने कहा कि पत्रिका के समाचार आज भी पूरी तरह निष्पक्ष होते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को समाचार पत्रों का नियमित अध्ययन करना चाहिए।
कार्यक्रम में एडीईओ उम्मेद सिंह ने कहा कि महिलाएं सभी क्षेत्रों में सफलता का परचम लहरा रही है। ऐसे में महिलाओं को अब पत्रकारिता के क्षेत्र में भी कदमताल करनी होगी। इस सुझाव को आगे बढ़ाते हुए मुख्य वक्ता लोकेश शेखावत ने संस्थान का न्यूज लैटर व पत्रकारिता विभाग शुरू करने का सुझाव दिया। उन्होंने इस नवाचार को आगे बढ़ाने पर हर संभव मदद की बात कही।
Updated on:
20 Dec 2025 02:27 pm
Published on:
20 Dec 2025 02:14 pm
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