
खुशियों का त्योहार कहीं ताउम्र का गम ना दे जाए, आगजनी जैसी घटनाओं के लिए प्रशासन कितना तैयार,खुशियों का त्योहार कहीं ताउम्र का गम ना दे जाए, आगजनी जैसी घटनाओं के लिए प्रशासन कितना तैयार,खुशियों का त्योहार कहीं ताउम्र का गम ना दे जाए, आगजनी जैसी घटनाओं के लिए प्रशासन कितना तैयार
नीमकाथाना. इन दिनों त्योहार का समय चल रहा है। बाजारों में भी हलचल ज्यादा बढ़ गई है। ये एक सामान्य सी बात है, लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि किसी अनहोनी घटना से जनता, व्यापारी और प्रशासन कितना तैयार है। यदि शहरों और कस्बों के बाजारों में आगजनी जैसी घटनाएं ना चाहते हुए भी कई बार हो जाती है, लेकिन वक्त से पहले ऐसी घटनाओं को रोकने की दिशा में कदम पहले ही उठा लेना चाहिए, फिर चाहे वो शार्ट सर्किट से लगनी वाली आग ही क्यों ना हो। ये बात बताना यहां लाजमी है कि उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद शहर में रविवार तड़के लगीं आग से फर्नीचर मार्केट की करीब 100 से अधिक दुकानें जलकर राख हो गई। साथ ही करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया। इसी घटना को देखते हुए शहर और कस्बे के बाजारों की यथास्थिति और घटनाओं की आशंका और उनके रोकने की संभावना पर पत्रिका की रिपोर्ट.... शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र, बाजार व आसपास के इलाकों में होने वाली आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड को पहुंचने में दिक्कतें सामने आती हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है संकरी और तंग गलियां हैं। नीमकाथाना की घनी आबादी वाले मोहल्लों व बाजार की संकरी गलियों में यदि ऐसी आग लग जाए तो वहां भी भारी जान व माल का नुकसान हो सकता है, यहां नियमों को दरकिनार कर बहुमंजिली इमारतों का निर्माण हो रहा है। कई इमारतों में फ ायर फ ाइटिंग सिस्टम नहीं है। बाजार में एक तो पहले से ही गलियां इतनी संकरी हैं और त्योहारी सीजन में दुकानदार बाहर तक सामान लगाने से रास्ता ओर तंग हो जाता है। यदि आग लग गई तो दमकल कर्मियों को घटनास्थल तक पहुंच पाना आसान नहीं होता। मकानों को कर दिया दुकानों में तब्दील कपिल मंडी, सुभाष मंडी सहित कई इलाकों में अधिकतर लोगों ने अपने घरों को दुकानों में तब्दील कर दिया है। यहां तीन से चार मंजिला दुकानें देखी जा सकती हैं। इन तंग गलियों में दमकल की गाडिय़ां तो क्या बाइक ले जाने में भी बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसी प्रकार रामलीला मैदान में बिगड़ी यातायात व्यवस्था व दोनों गलियों में आग लग जाए तो जान-माल के खतरे की आशंका प्रबल है। समीपवर्ती गांव भूदोली में 15 दिन पहले एक मकान में सिलेंडर के आग पकडऩे से पूरा मकान जल गया। हालांकि घटना की सूचना से मौके पर दमकल भी पहुंच गई थी। लेकिन मोहल्ले की तंग गलियों के कारण दमकल रोड पर ही खड़ी रही। लोगों ने इधर-उधर से पानी की व्यवस्था कर आग पर काबू पाया जब तक नकदी व सामान जल चुका था। शहर में 6 और 3 हजार लीटर की दमकल शहर के औद्योगिक क्षेत्र में नगर परिषद की ओर से फायर स्टेशन बना रखा है। यहां दो दमकल है एक बड़ी 6 हजार लीटर व दूसरी 3 हजार लीटर है। दोनों 24 घंटे पानी से भरी खड़ी रहती है। 3 हजार लीटर वाली दमकल नगर परिषद में खड़ी रहती है, ताकि शहर में जरूरत पडऩे से तुरंत मौके पर पहुंच सके। वहीं 17 कर्मचारी है, जिनमे 7 फायरमेन, 1 चालक स्थाई व 6 फायरमेन व 3 चालक अस्थाई कर्मचारी है।
फायर ब्रिगेड का बाइक दस्ता कारगर
पुराने मोहल्लों की संकरी गलियों के आसपास मकानों में आग लगने से बचाव के लिए प्रशासन रूचि ले तो फायर ब्रिगेड के छोटे वाहन कारगर हो सकते हैं। प्रदेश के कई शहरों में संकरी गलियों में आग पर काबू पाने के लिए फ ायर ब्रिगेड का बाइक का दस्ता तैयार किया गया है। स्थानीय प्रशासन इस योजना पर अमल करें तो भविष्य में होने वाली आग की घटनाओं पर काफ ी हद तक काबू पाया जा सकता है। हालांकि यह बाइक अन्य बाइक की तरह ही होती है, लेकिन इसमें आग बुझाने के जरूरी संसाधन होते हैं। सिलेंडर, हूटर, सायरन, लाइट और आग पर काबू पाने के लिए पानी व फ ोम रसायन भी रहता ह
ाग से बचाव के लिए इन बातों का रखे ध्यान तंग गलियों में झूलते बिजली के तारों को टाइट करवाएं। मकानों में अच्छी वायरिंग होनी चाहिए। रसोई में गैस सिलैंडर लगाने से पहले उसको चेक करें, ताकि दुर्घटना न हो। घटना हो तो यहां करें संपर्क फायर सेंटर के नंबर 01574-299101 नगर परिषद कार्यालय: 01574-230035 कलक्ट्रेट कंट्रोल रूम 01574-230013
नगर परिषद के पास दो दमकल है, जिन पर 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहते है। मुख्य बाजार व गलियों में अगर अतिक्रमण हो रखा है तो उनको चिन्हित करवाकर जल्द ही करवाई करवाएंगे।
रघुवीर वर्मा, आयुक्त कार्यवाहक नगर परिषद, नीमकाथाना
Updated on:
30 Oct 2023 09:44 am
Published on:
30 Oct 2023 09:43 am
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