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बेटे के जन्म के बाद मां की मौत, अस्पताल में पांच घंटे हुआ बवाल

राजस्थान के सीकर जिले के नीमकाथाना कस्बे के राजकीय कपिल अस्पताल में बेटे के जन्म के कुछ घंटो बाद ही मां की मौत पर बवाल हो गया।

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सीकर

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Sachin Mathur

Jul 20, 2021

बेटे के जन्म के बाद मां की मौत, अस्पताल में पांच घंटे हुआ बवाल

बेटे के जन्म के बाद मां की मौत, अस्पताल में पांच घंटे हुआ बवाल

सीकर/नीमकाथाना. राजस्थान के सीकर जिले के नीमकाथाना कस्बे के राजकीय कपिल अस्पताल में बेटे के जन्म के कुछ घंटो बाद ही मां की मौत पर बवाल हो गया। चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। चिकित्सक पर गैर इरादतन हत्या का मुकदर्मा दर्ज करने व 10 लाख रुपये के मुआवजे सहित पांच सुत्रीय मांग भी रखी। करीब पांच घंटे चला विवाद आखिर एसडीएम बृजेश गुप्ता के आश्वासन पर शांत हुआ।

चिकित्सक पर रुपए इलाज का आरोप
जानकारी के अनुसार गणेश्वर के कालीकाला गांव निवासी प्रसूता मिंटू गुर्जर पत्नी जितेन्द्र गुर्जर को सोमवार शाम को प्रसव के लिए कपिल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। कुछ देर बाद प्रसूता ने सामान्य प्रसव से बेटे को जन्म दिया। इसके बाद जच्चा- बच्चा को सामान्य वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया। लेकिन, मंगलवार सुबह अचानक प्रसूता की तबीयत बिगड़ गई। जिसे ऑपरेशन थिएटर ले जाने के बाद उसने दम तोड़ दिया। इस पर आक्रोशित परिजनों ने चिकित्सक धर्मेन्द्र सैनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताना शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि चिकित्सक ने तबीयत बिगडऩे पर भी प्रसूता को नहीं संभाला। इलाज के लिए एक हजार रुपए भी मांगे। बाद में 500 रुपए देने पर चिकित्सक ने प्रसूता को संभाला। लेकिन, तब तक काफी देर हो चुकी थी और ऑपरेशन थिएटर में ले जाने पर प्रसूता ने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी पर गांव के काफी लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर एसडीएम बृजेश गुप्ता, डिप्टी गिरधारी लाल शर्मा, नायब तहसीलदार सुभाष स्वामी, कोतवाल राजेश डूडी तथा सदर थानाधिकारी कस्तूर कुमार भी मौके पर पहुंचे। जिन्होंने पांच घंटे की समझाइश से मामला शांत करवाया। जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपा गया।

पांच सुत्रीय मांग रखी
प्रसूता की मौत के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने शव के पोस्टमार्टम से पहले पांच सुत्रीय मांग प्रशासन के सामने रख दी। जिसमें आरोपी चिकित्सक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने, चिकित्सक को बर्खास्त करने, परिजनों को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने, शव का बाहरी मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने तथा एसडीएम द्वारा मुआवजे की घोषणा की मांग रखी गई। मांग पूरी होने पर ही शव का पोस्टमार्टम करवाने की बात कही। काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार एसडीएम ने मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत करवाया।

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