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निर्दयता: एक घंटे पहले जन्मी बच्ची को बाहर छोड़ गए परिजन, सर्दी में कांपती रही, 8 घंटे बाद तोड़ा दम

भले ही शिक्षा के क्षेत्र में सीकर जिला अग्रणी हो लेकिन बेटियों के प्रति उसकी मानसिकता में ज्यादा परिवर्तन नहीं हुआ है। इसकी बानगी बुधवार को जनाना अस्पताल ( Janana Hospital Sikar ) में देखने को मिली। जब अस्पताल के पालने में प्रीमैच्योर बेटी को लावारिस हालत ( Born Baby Found in Crib house at Sikar ) में छोड़ गया। सर्दी और संक्रमण की चपेट में आने से करीब आठ घंटे बाद बच्ची ( Born Baby Died Due to Cold ) ने दम तोड़ दिया।

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सीकर

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Naveen Parmuwal

Dec 26, 2019

एक घंटे पहले जन्मी बच्ची को बाहर छोड़ गए परिजन, सर्दी में कांपती रही, 8 घंटे बाद तोड़ा दम

एक घंटे पहले जन्मी बच्ची को बाहर छोड़ गए परिजन, सर्दी में कांपती रही, 8 घंटे बाद तोड़ा दम

सीकर.

भले ही शिक्षा के क्षेत्र में सीकर जिला अग्रणी हो लेकिन बेटियों के प्रति उसकी मानसिकता में ज्यादा परिवर्तन नहीं हुआ है। इसकी बानगी बुधवार को जनाना अस्पताल ( janana Hospital Sikar ) में देखने को मिली। जब अस्पताल के पालने में प्रीमैच्योर बेटी को लावारिस हालत ( born baby Found in Crib house at Sikar ) में छोड़ गया। सर्दी और संक्रमण की चपेट में आने से करीब आठ घंटे बाद बच्ची ( Born baby died Due to Cold ) ने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर 2.10 बजे कड़ाके की सर्दी में नेहरू पार्क स्थित जनाना अस्पताल के पालने में कोई नवजात को छोड़ गया था। इसके बाद अस्पताल का स्टाफ पहुंचा और मासूम का उपचार किया। प्रीमैच्योर होने के कारण बच्ची का वजन 1850 ग्राम था। गुरुवार को नगर परिषद के सहयोग से बच्ची के शव का अंतिम संस्कार करवाया जाएगा।


सर्दी और संक्रमण से बिगड़ी हालत
सर्दी और संक्रमण से जूझ रही लाडो की स्थिति कारण बच्ची को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। लाड़ो की स्थिति नाजुक बनी हुई थी। चिकित्सक डा. स्वाति मिश्रा ने बताया कि लाडो का जन्म प्रशिक्षित प्रसाविका ने ही करवाया। इसकी पुष्टि बच्ची की नाल पर लगी क्लिप से हो रही है। करीब 32 सप्ताह की बच्ची का जन्म समय से पहले हुआ। सर्दी के कारण लाड़ो का शरीर नीला पड़ गया और सांस लेने में परेशानी के कारण आक्सीजन दी गई। फेफड़े विकसित नहीं होने के कारण सीपीआर भी दी गई। तमाम कोशिश के बावजूद देर रात करीब दस बजे बच्ची ने दम तोड़ दिया।


अब तक सात कन्या
बाल कल्याण समिति के सदस्य गिरवर सिंह झाझड़ ने बताया कि बुधवार दोपहर में मिली बच्ची ने रात करीब दस बजे दम तोड़ दिया। जिले में एक जनवरी से अब तक सरकारी पालना गृहों में आठ नवजात मिले हैं। इनमें से एक लडक़ा और सात लड़कियां है। इससे पहले भी एक बच्ची की अस्पताल में मौत हो चुकी है। छह बच्चियों को दूसरे परिवारों को गोद दिया जा चुका है।

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