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पेपर लीक करने वाले ने एक्सपर्ट महारथियों को भी ऐसे दी मात

यदि कमेटी इसे लीक मान लेती है तो पेपर दोबारा करवाया जाएगा।

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सीकर. पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विवि सीकर के बीए पार्ट प्रथम वर्ष के राजनीति विज्ञान विषय के पेपर के परीक्षा से पहले वायरल होने के मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। वहीं सूत्रों का कहना है कि पेपर परीक्षा केन्द्र से ही लीक हुआ था। जिन केन्द्रों पर कमेटी को शक है वहां के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। कैमरों की रिकॉर्डिंग के आधार पर पता लगाया जाएगा कि पेपर कहां से लीक हुआ है। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि पेपर कितने बजे वाट्सएप पर आया। कमेटी दो दिन में अपनी रिपोर्ट कुलपति को देगी। रिपोर्ट पर लीक होना या नहीं होना माना जाएगा। यदि कमेटी इसे लीक मान लेती है तो पेपर दोबारा करवाया जाएगा। साथ ही पुलिस में भी रिपोर्ट दर्ज करवाई जाएगी।

एक्सपर्ट था लीक करने वाला
सूत्रों का कहना है... पेपर में कोड दिए हुए हैं। लेकिन जो पेपर वाट्सएप पर आया है, उसका कोड इस तरीके से छिपाया गया है कि वह दिखाई नहीं दे। ऐसा किसी एक्सपर्ट ने ही किया है। यदि कोड दिखाई देता तो आसानी से ट्रेस किया जा सकता था कि इस कोड का पेपर किस सेंटर को दिया गया था।


यह है परेशानी और विकल्प
अभी परेशानी यह है... कि अनेक कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे ही नहीं लग रहे। जो कैमरे लग रहे हैं उनमें केवल चित्र ही रिकॉर्ड हो रहे हैं। आवाज उनमें भी नहीं आ रही। कई जगह नाम मात्र के कैमरे हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि हर केन्द्र पर ऑब्जर्वर लगाए जाएं तो ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सकता है।


यह था मामला

शनिवार को बीए पार्ट प्रथम वर्ष की राजनीति विज्ञान विषय की परीक्षा का पेपर 11 बजे से शुरू होना था। विद्यार्थियों का कहना है पेपर वाट्सएप पर नौ बजकर 45 मिनट पर ही वायरल हो गया। पेपर सीकर के अलावा झुंझुनूं जिले में भी पहुंच गया। इससे अभी तक असमंजस बरकरार है कि पेपर दोबारा होगा या नहीं। वहीं सूत्रों का कहना है पेपर दोबारा होने की पूरी संभावना है, हालांकि अभी विवि की अधिकृत सूचना जारी होने का इंतजार है।