
कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रभुलाल सैनी ने भी सोमवार को देसी गायों को बचाने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि हमें विदेशी गायों को छोड़कर देसी को बचाना होगा। इसका दूध कैंसर होने से बचाता है।
सोमवार को धोद तहसील के ग्राम अजीतपुरा में ओलिटा डेयरी फार्म एण्ड ब्रीड डवलपमेन्ट एण्ड रिचर्स सेन्टर (काऊ सैड)का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि देशी गायों को बचाने के लिए सबको एक साथ जुडऩा चाहिए। देशी गोवंश के दूध में ए अमीनो एसिड का स्रोत है, जो मां के दूध में पाया जाता है। यह उच्च रक्तचाप कम करने, कैंसर होने से बचाने, आसानी से पाचन योग्य एवं मधुमेह रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। यह अनेक रोगों से बचाता है।
उन्होंने कहा कि कोटा में आयोजित ग्लोबल मीट में गाय का दूध आमजन तक पहुंचे। इसके लिए 40 करोड़ का एमओयू हुआ था। जिसमें 10 हजार अच्छी नस्ल की गायों का पालन पोषण किया जाएगा।धर्मपाल गढ़वाल फर्म की ओर से लगाए गए स्वचालित ब्रश, पंखों का भी जायजा लिया। असारिका सहानी ने बताया कि इस रिसर्च सेन्टर में अत्याधुनिक मशीनों से एक साथ 12 गायों का दूध 7 मिनट में निकाला जाता है।
इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने कृषि मंत्री को एक ज्ञापन दिया जिस पर उन्होंने किसानों को विश्वास दिलाया कि सीकर जिले में भी जैतून की खेती को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस अवसर पर पशुपालन विभाग के सयुक्त निदेशक जी.एस. लूणिया सहित अन्य मौजूद रहे।
Published on:
06 Jun 2017 07:41 am
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