
सुप्रीम कोर्ट (Photo - IANS)
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक अहम आदेश में देश में उच्च शिक्षण संस्थाओं (कॉलेज और विश्वविद्यालय) में खाली पड़े शैक्षणिक व अशैक्षणिक पदों को चार माह में तथा कुलपति व रजिस्ट्रार के पदों को एक माह में भरने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने उच्च शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों में मानसिक तनाव व आत्महत्याओं की घटनाओं को कॉलेज-विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और प्रशासनिक पदों की वैकेंसी सहित अन्य कारणों से जोड़ते हुए यह निर्देश दिए।
बेंच ने कहा कि रिक्तियां भरने में आरक्षित पदों को भरने में प्राथमिकता दी जाए। बेंच ने कहा कि सेवानिवृत्ति की तिथियां पहले से ही तय होती हैं ऐसे में भर्ती प्रक्रिया जल्दी शुरू कर एक माह में रिक्तियां भरी जानी चाहिए। छात्रों के कल्याण की कीमत पर नेतृत्व और संकाय की रिक्तियों को लंबे समय तक बने रहने नहीं दिया जा सकता।
बेंच ने उच्च शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों में मानसिक तनाव व आत्महत्या की प्रवृति पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से पूर्व जज जस्टिस रवींद्र भट्ट की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर कई दिशा निर्देश जारी किए। बेंच ने यह भी कहा कि उच्च शिक्षण संस्थाओं में खाली पदों के बारे में वार्षिक रिपोर्ट पेश की जानी चाहिए।
Published on:
17 Jan 2026 02:23 am
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