16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीकर कांस्टेबल सुसाइड मामला: 64 घंटे बाद बनी सहमति, पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार

कांस्टेबल लक्ष्मीकांत ( Constable laxmikant Suicide Case Update ) के सुसाइड के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई सहित विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे परिजनों और प्रशासन के बीच 64 घंटे बाद सहमति बन गई है।

2 min read
Google source verification

सीकर

image

Naveen Parmuwal

Sep 17, 2019

सीकर कांस्टेबल सुसाइड मामला: 64 घंटे बाद बनी सहमति, पोस्टमार्टम के बाद शव का होगा अंतिम संस्कार

सीकर कांस्टेबल सुसाइड मामला: 64 घंटे बाद बनी सहमति, पोस्टमार्टम के बाद शव का होगा अंतिम संस्कार

सीकर।
कांस्टेबल लक्ष्मीकांत ( Constable laxmikant Suicide Case Update ) के सुसाइड के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई सहित विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे परिजनों और प्रशासन के बीच 64 घंटे बाद सहमति बन गई है। पुलिस के उच्च अधिकारियों ने परिजनों को दोषियों को लाइन हाजिर करने, आश्रितों को सरकारी नौकरी देने, मुआवजा व निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव लेने के लिए राजी हो गए। बता दें कि पिछले तीन दिनों से एसके अस्पताल की मोर्चरी के सामने परिजनों व ग्रामीणों का धरना जारी था। सहमति के बाद शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया है। जिसके बाद पुलिस जाप्ते के साथ शव को पैतृक गांव लक्ष्मणगढ़ स्थित सिंगोदडा के लिए रवाना कर दिया है। शव का आज ही अंतिम संस्कार ( Funeral of Constable Laxmikant at Laxmangarh ) किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: Watch: पत्नी बोली- मैड़म मेरे पति को टॉर्चर करती थी, खाना भी नहीं खाने देते थे, थाने का सिस्टम काफी गंदा है

बतादें कि सीकर के महिला थाना के कांस्टेबल लक्ष्मीकांत ने रविवार को राधाकिशनपुरा में फांसी के फंदे पर झूलकर आत्म हत्या कर ली थी। लक्ष्मणगढ़ कस्बे के सिंगोदडा गांव निवासी लक्ष्मीकांत शहर के राधाकिशनपुरा में किराए के मकान पर रह रहा था। आत्म हत्या से पहले उसने एक सुसाइड नोट भी लिखा। जिसमें उसने महिला थानाधिकारी सहित चार पुलिसकर्मियों पर प्रताडऩा का आरोप लगाया था। घटना के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए एसके अस्पताल की मोर्चरी ले आई। यहां दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने शव नहीं उठाया और धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच काफी बार वार्ता हुई लेकिन, हर बार विफल रही। मंगलवार को सुबह धरने पर बैठे लोगों का एक प्रतिनिधि मंडल एसपी से वार्ता के लिए गया था। वह भी विफल रही। दोपहर बाद पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा फिर से वार्ता की गई। जिसके बाद परिजन शव लेने के लिए राजी हुए।

यह भी पढ़ें: सुसाइड नोट पर महिला SI पर गंभीर आरोप लगाकर फंदे पर झूला कांस्टेबल, 4 दिन पहले ही हुई थी पोस्टिंग