29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अस्पताल में मरीजों के खून को श्वानों के पीने के मामले में हरकत में आया प्रशासन, 7 को थमाए नोटिस

शेखावाटी के सबसे बड़े कल्याण अस्पताल ( Sk Hospital Sikar ) में बॉयोवेस्ट ( Laboratory in SK Hospital ) के जरिए संक्रमण फैलाने वालों पर अब अस्पताल प्रशासन ने सख्त रवैया अपना लिया है।

2 min read
Google source verification

सीकर

image

Naveen Parmuwal

Oct 15, 2019

सीकर.

शेखावाटी के सबसे बड़े कल्याण अस्पताल ( Sk Hospital Sikar ) में बॉयोवेस्ट ( Laboratory in SK Hospital ) के जरिए संक्रमण फैलाने वालों पर अब अस्पताल प्रशासन ने सख्त रवैया अपना लिया है। अस्पताल प्रशासन ने मामले में बॉयोवेस्ट के निस्तारण में जिम्मेदार सात लोगों को नोटिस दे दिए हैं। उधर अस्पताल परिसर में बॉयोवेस्ट कचरे को फेंकने वाले निजी अस्पताल संचालक और लैब के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी जाएगी। सीसीटीवी के जरिए ऐसे संभावित लोगों को चिन्हित कर लिया है। साथ ही बॉयोवेस्ट को लेकर पंजीयन नहीं कराने वाली लैब और अस्पतालों की जांच के लिए प्रदूषण नियंत्रण मंडल को पत्र देकर कार्रवाई करने की अनुशंसा की गई है। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका के 4 अक्टूबर को ‘सरकारी अस्पताल में मरीजों का खून पी रहे श्वान’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस लापरवाही को उजागर किया गया था। जिसके बाद चिकित्सालय प्रबंधन हरकत में आया।

Read More :

Exclusive: राजस्थान के इस बड़े सरकारी अस्पताल में मरीजों का खून पीकर खूंखार हो रहे कुत्ते !


इन पर गिरी गाज
बॉयोवेस्ट के सही तरीके से निस्तारण नहीं करने पर जिला लैब प्रभारी, ब्लड बैंक प्रभारी, ट्रोमा प्रभारी, स्वीपर, नर्सिंग अधीक्षक, केयर टेकर समेत सात लोगों को नोटिस दिए गए हैं। इन लोगों को तीन दिन में नोटिस का जवाब देना होगा। जिससे जिम्मेदारी तय हो पाएगी। एसके अस्पताल और लैब में मरीजों के खून की जांच के नमूनों का सही तरीके से निस्तारण नहीं हो रहा था। खून से सनी वॉयल को खुले में फेंकने के बाद श्वान इसमें से खून पीकर खूंखार हो रहे थे। श्वान इतने खुंखार होते जा रहे हैं कि वे आपस में लड़ते हैं और जब इन्हें खून नहीं मिलता है, तो अस्पताल में मरीजों को काटने के लिए दौड़ते हैं। गौरतलब है कि एस के अस्पताल में रोजाना डेढ़ सौ से अधिक मरीजों के खून के नमूने लिए जाते हैं। जिनमें कई मरीज तो असाध्य बीमारी से ग्रसित होते हैं। कर्मचारियों को प्रशिक्षण के बावजूद लैब से निकलने वाले बॉयावेस्ट का सही निस्तारण नहीं किया जा रहा था। जिससे मरीजों व परिजनों में जानलेवा संक्रमण का खतरा बना हुआ था।

Read More :

अस्पताल के बाहर कचरे में मिले खून के सैंपल मामले की अब होगी जांच, PMO ने दिए आदेश

मामले में सात लोगों को नोटिस दिए गए हैं। अस्पताल परिसर में बॉयोवेस्ट फेंकने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण मंडल को पत्र लिखा है। -डा. अशोक चौधरी, पीएमओ

Story Loader