
पंचतत्व में विलीन हुए सैनिक गिरवर सिंह, पिता को मुखाग्रि देने के बाद सीना तानकर खड़ा रहा 8 साल का बेटा
सीकर।
पंजाब में सडक़ हादसे का शिकार हुए सैनिक गिरवर सिंह शेखावाट का अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव में किया गया। इस दौरान बीएसएफ की टुकड़ी ने जवान को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी साथी पुलिस व प्रशासन के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों ने सैनिक को पुष्प चक्र अर्पित किए। सैनिक गिरवर सिंह को 8 वर्षीय पुत्र नैतिक शेखावत ने मुखाग्नि दी। सैनिक के अंतिम यात्रा में गांव में लोगों को हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान सडक़ किनारे रानोली से गांव तक जिसमें बच्चों से लेकर युवा और महिलाओं से लेकर बुजर्गों तक ने कतारबद्ध होकर सैनिक के श्रद्धा-अभिनंदन में पलक पांवड़े बिछाए रखे हुए थे। सुबह दस बजे शुरू हुई यात्रा जब एक बजे पैतृक गांव पहुंची तो वहां भी हजारों के हुजूम के बीच समां भारत माता के जयकारों से गूंज उठा।
उकेरी रंगोली, हाथ में तिरंगा
अंतिम यात्रा के दौरान रास्ते में सैकड़ों की संख्या में स्कूली बच्चे हाथों में तिरंगा लिए खड़े रहे। सडक़ों पर देशभक्ति से जुड़ी रंगोलियां उकेरी गई। बच्चों ने भारत माता व गिरवर सिंह अमर रहे के जयकारे लगाते हुए पुष्प वर्षा कर रहे थे। यह नजारा देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई थी।
ये रहे मौजूद
इससे पहले विधायक वीरेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया, भाजपा नेता प्रभु सिंह गोगावास, माकपा नेता हरफूल सिंह बाजिया, एसडीएम मनोज कुमार मीणा नायब तहसीलदार ज्वाला सहाय मीणा सीओ ग्रामीण रामेश्वर परिहार थाना अधिकारी महेंद्र कुमार मीणा बीएसएफ के इंस्पेक्टर सत्यवान सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने सैनिक की पार्थिव देह को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
सडक़ हादसे में हुई थी मौत
गौरतलब है कि बीएसएफ के सैनिक गिरवरसिंह की पंजाब के अजनाला में भारत पाकिस्तान सीमा से ड्यूटी कर वापस लौटते समय सडक़ हादसे में मौत हो गई थी। जिसके बाद उनकी पार्थिव देह को आज सुबह रानोली थाने लाया गया। जहां से काफिले के साथ सेना के जवान पार्थिव देह को लेकर रानोली थाने से पैतृक गांव खंडेलसर पहुंची। इसके बाद सैनिक का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ।
Published on:
06 Feb 2019 04:10 pm
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