13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पीड़ित व उसके परिवार को हाईकोर्ट ने पुलिस सुरक्षा देने के दिए आदेश

राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर में पीड़ित मनेहर कुमावत ने चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की याचिका लगाई थी

less than 1 minute read
Google source verification
Rajasthan High Court Big Decision Working Daughter in Law is not Dependent on Deceased Father in Law

सीकर. राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर में पीड़ित मनेहर कुमावत ने चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की याचिका लगाई थी। अतिक्रमियों व उनके सहयोगियों से जान का खतरा होने के चलते राजस्थान हाइकोर्ट, जयपुर की न्यायाधीश शुभा मेहता ने पीड़ित परिवार को आगामी आदेश तक सुरक्षा मुहैया करवाने के आदेश दिए हैं। एडवोकेट प्रवीण शर्मा ने बताया कि न्यायाधीश ने पुलिस अधीक्षक सीकर, खंडेला एसडीएम, खंडेला थाना के थानाधिकारी को तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब करते हुए मनोहर कुमावत व उनके परिवार को जीवन व स्वतंत्रता के लिए सुरक्षा मुहैया करवाने के आदेश पारित किए हैं। हाईकोर्ट न्यायाधीश ने आदेश में यह भी लिखा है कि सीकर एसपी, खंडेला एसडीएम व खंडेला थानाधिकारी रिट याचिका में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। पीड़ित मनोहर कुमावत पर पूर्व में एक बार जानलेवा हमला भी हो चुका है। मनोहर कुमावत पुत्र श्यामलाल कुमाव निवासी भोजपुरा, बरसिंगपुरा खंडेला ने गांव की चारागाह भूमि पर कच्चे -पक्के निर्माण कर अतिक्रमण करने वाले करीब 98 लोगों के खिलाफ रिट याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट, जयपुर ने आदेश जारी कर प्रशासन व पुलिस के जरिए 23 मई 2024 को चारागाह भूमि से करीब 30 अस्थायी अतिक्रमण हटवाए गए थे। ऐसे में प्रार्थी मनोहर कुमावत ने स्वयं व अपने परिवार को करीब दो दर्जन अतिक्रमियों व उनके सहयोगी लोगों से जान का खतरा बताया था। पीड़ित परिवार को आरोपी धमकियां भी दे रहे हैं।